फतेहपुर जिले के औंग थाना क्षेत्र में शनिवार रात उस समय सनसनी फैल गई, जब राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति की रिश्ते में चाची संतोष कुमारी (48) का अधजला शव घर की पहली मंजिल पर मिला। परिजनों ने हत्या के बाद शव जलाने की आशंका जताई है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार औंग थाना क्षेत्र के खदरा गांव निवासी सुशील कुमार प्रजापति की पत्नी संतोष कुमारी अपनी मां ननकी देवी की देखभाल के लिए ललौली थाना क्षेत्र के हरियापुर गांव में रह रही थीं। शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे प्रधान राकेश कुमार के बेटे निमंत्रण से लौट रहे थे, तभी उन्होंने घर की पहली मंजिल से धुआं उठता देखा और शोर मचाया।
ग्रामीण मौके पर जुटे, लेकिन गेट अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। सीओ बृजमोहन राय पुलिस बल के साथ पहुंचे। रात करीब 11:30 बजे संतोष के ससुराल पक्ष के आने के बाद दीवार फांदकर गेट खोला गया। नीचे कमरे में मां ननकी देवी मिलीं, जिन्हें कम दिखाई और सुनाई देता है, जबकि पहली मंजिल पर संतोष कुमारी का जला हुआ शव पड़ा मिला।
परिवार के अनुसार संतोष कुमारी का किसी से खुला विवाद नहीं था, हालांकि भूमि को लेकर पारिवारिक स्तर पर पुराना विवाद चल रहा था। बताया गया कि उनकी एक बहन ने पिता से चार बीघा खेत का बैनामा अपने नाम करा लिया था और पेंशन संबंधी कागजातों में भी नाम दर्ज करा लिया था। बाद में यह मामला सामने आने पर कागजात संशोधित कराए गए, लेकिन जमीन को लेकर विवाद बना हुआ है।
घटनास्थल की परिस्थितियां आत्महत्या की बजाय हत्या की ओर इशारा कर रही हैं। परिजनों का कहना है कि आत्महत्या का कोई स्पष्ट कारण नहीं था। बरामदे में साड़ी का पर्दा सुरक्षित मिला, जबकि शव एक ही स्थान पर पूरी तरह जला हुआ था। शव के पास आम की लकड़ियां जली मिलीं और प्रथम दृष्टया डीजल जैसी गंध आने की बात भी सामने आई है।
पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक जांच से स्पष्ट होगा कि आग किस पदार्थ से लगाई गई। सीओ बृजमोहन राय ने बताया कि सभी पहलुओं—हत्या, आत्महत्या और पारिवारिक विवाद—को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे गांव में घटना को लेकर दहशत और चर्चा का माहौल है।


