कंपिल। पांच माह पूर्व कस्बे में सामने आए छात्रा दुष्कर्म कांड ने एक बार फिर सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। इस बार कार्रवाई का केंद्र पुलिस नहीं, बल्कि राजस्व विभाग बना है। प्रशासन ने आरोपियों से जुड़े बताए जा रहे अतिक्रमणों पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोमवार देर शाम शमशाबाद के नायब तहसीलदार के नेतृत्व में नगर लेखपाल पंकज चौहान, पूजा चौहान और रोहित अवस्थी की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने कोचिंग सेंटर के सामने स्थित दुकानों की पैमाइश कर सीमांकन किया। प्रशासनिक अमले को देखते ही इलाके में हड़कंप मच गया और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।
कब्रिस्तान की भूमि पर मिला अतिक्रमण
प्राथमिक जांच में सामने आया कि कोचिंग सेंटर साइड स्थित शकील मार्केट की कुछ दुकानें कथित रूप से कब्रिस्तान की भूमि पर खड़ी हैं। टीम ने मौके पर सीमांकन कर अतिक्रमण दर्ज किया और संबंधित दुकानों का चिन्हांकन किया। आरोप है कि ये दुकानें दुष्कर्म प्रकरण में जेल भेजे गए आरोपितों—शीबू और सलमान—से संबंधित हैं।
पहले ही जेल जा चुके हैं तीनों आरोपी
गौरतलब है कि इसी कोचिंग सेंटर से जुड़ा मामला पांच माह पूर्व सामने आया था, जिसमें संचालकों पर छात्रा को नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शीबू, सलमान और अनस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी आक्रोश था और ग्रामीण लगातार सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने की मांग कर रहे थे।
नोटिस के बाद खाली कराने के आदेश
राजस्व विभाग ने संबंधित लोगों को तीन दिन पहले ही नोटिस जारी कर दिए थे। सोमवार रात प्रशासन ने दुकानों को खाली करने के आदेश भी दे दिए। अधिकारियों के अनुसार यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो मंगलवार को बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त किया जाएगा।
गांव में भी अवैध कब्जा चिन्हित
इसी क्रम में राजस्व टीम ने आरोपी अनस के गांव निजामुद्दीनपुर में गाटा संख्या 336 (नवीन परती भूमि) पर भी अवैध कब्जा चिन्हित किया है। वहां भी जल्द ही कार्रवाई की तैयारी चल रही है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और लोग इसे न्याय की दिशा में उठाया गया ठोस कदम मान रहे हैं।


