सिंगापुर। दक्षिण-पूर्व एशियाई देश सिंगापुर में भारतीय मूल के एक व्यक्ति को महिला के साथ आपराधिक बल प्रयोग के मामले में पांच महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर टिप्पणी भी की।
42 वर्षीय ओम कुमार राय ने अदालत में आरोप स्वीकार कर लिया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बताया कि आरोपी ने महिला की मर्यादा भंग करने के इरादे से आपराधिक बल का प्रयोग किया।
रिपोर्ट के अनुसार घटना 17 जून 2025 की सुबह की है, जब राय ने 22 वर्षीय महिला से संपर्क किया। उसने स्वयं को महिला के पिता का सहकर्मी बताते हुए बातचीत शुरू की। प्रारंभिक बातचीत के बाद वह महिला को बहाने से एक अपेक्षाकृत सुनसान स्थान की ओर ले गया।
अभियोजन पक्ष का कहना है कि वहां आरोपी ने महिला के साथ छेड़छाड़ की। महिला ने साहस दिखाते हुए आरोपी को धक्का दिया और मौके से निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंची। बाद में उसने पूरी घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी।
उसी दिन सुबह लगभग नौ बजे महिला ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया और मामला अदालत में पहुंचा।
स्थानीय समाचार पत्र द स्ट्रेट्स टाइम्स ने बताया कि अदालती दस्तावेजों से पीड़िता का नाम और घटना स्थल की जानकारी हटा दी गई है, ताकि उसकी पहचान सुरक्षित रहे।
अभियोजकों ने अदालत से पांच से छह महीने की सजा की मांग की थी। उनका तर्क था कि आरोपी का आचरण स्पष्ट रूप से दखलंदाजी और महिला की गरिमा के विरुद्ध था। अदालत ने तथ्यों और आरोपी की स्वीकारोक्ति को ध्यान में रखते हुए पांच महीने की कैद की सजा सुनाई।
सिंगापुर के कानून के अनुसार, किसी महिला की मर्यादा भंग करने के इरादे से आपराधिक बल प्रयोग करने पर दोषी को तीन वर्ष तक की कैद, जुर्माना, बेंत की सजा या इन दंडों का संयोजन दिया जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित शिकायत और सख्त कार्रवाई महिलाओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। यह फैसला एक बार फिर यह संदेश देता है कि महिला सुरक्षा से जुड़े अपराधों पर अदालतें कठोर रुख अपनाती हैं।


