फर्रुखाबाद| थाना जहानगंज क्षेत्र के गांव आलूपुर में सड़क चौड़ीकरण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने जिला अधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा बिना पूर्व सूचना, बिना विधिक भूमि अधिग्रहण और बिना मुआवजा दिए जेसीबी मशीन से उनकी कृषि भूमि में खड़ी फसल को नष्ट कर सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार 13 फरवरी को कुछ लोग जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे और गाटा संख्या 250, 251, 252, 247, 243, 240, 239, 238, 237, 342, 345, 346, 369, 370, 373, 365, 366, 389, 386, 384, 383, 363, 362, 361, 360, 359, 358, 381 एवं 388/2 सहित अन्य गाटों की भूमि से मिट्टी खोदनी शुरू कर दी। इस भूमि पर किसानों की फसल खड़ी थी, जिसे मशीनों से नुकसान पहुंचाया गया।
शिकायतकर्ताओं में सौरभ कटियार, रमेश चन्द्र कटियार, जसवंत कटियार, प्रवीण कुमार, प्रभात कुमार, सतेन्द्र बाबू, संतकुमार, रामनरेश, तिलक सिंह, लज्जाराम, मुकुंदराम, श्यामबिहारी, जितेन्द्र कुमार, रामप्रताप, गेंदालाल, रामकुंवरी, अजय पाल, अमरपाल, शिवरतन, रामतीर्थ, महावीर, हेतराम, धर्मेन्द्र सिंह, ब्रह्मानन्द, कमलेश, चेतराम, संतराम, राजवीर, अशोक कुमार, महेश, मुकेश कुमार, चन्द्रप्रकाश, कृष्णमुरारी एवं बाबूराम सहित अन्य संक्रमणीय भूमिधर अध्यासीन शामिल हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 20 वर्ष पूर्व भी उनकी भूमि का कुछ हिस्सा लेकर चकमार्ग में शामिल किया गया था और सड़क का निर्माण किया गया था। अब उसी मार्ग को लगभग 7 मीटर चौड़ा किए जाने की बात कहकर खेत की अतिरिक्त भूमि में बिना प्रक्रिया अपनाए खुदाई की जा रही है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि उन्हें पूर्व से संचालित मार्ग पर सड़क निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बिना भूमि अधिग्रहण और बिना मुआवजा दिए उनकी खेती को नुकसान पहुंचाना अन्यायपूर्ण है।
आरोप है कि मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के जेई और अन्य लोगों द्वारा आपत्ति जताने पर किसानों पर दबाव बनाया गया और जेसीबी से कार्य जारी रखने का प्रयास किया गया। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से खेतों की खुदाई रुकवाई जाए, नुकसान का आंकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए तथा विधिक प्रक्रिया के तहत ही सड़क चौड़ीकरण का कार्य कराया जाए। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और किसानों को कब तक राहत मिलती है।

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