लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 17 और 18 फरवरी को मौसम में बदलाव के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार आगरा और उसके आसपास के जिलों सहित बुंदेलखंड क्षेत्र में हल्की वर्षा के आसार हैं। हालांकि प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में मौसम सामान्य और शुष्क बना रहेगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी बड़े मौसमीय परिवर्तन की संभावना नहीं है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है।
इधर पूरे प्रदेश में दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। फरवरी के मध्य में ही लोगों को मार्च जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है। राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में दोपहर की धूप अब चुभन पैदा करने लगी है। रविवार को अधिकतम तापमान 0.7 डिग्री की वृद्धि के साथ 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री बढ़कर 11.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और वृद्धि हो सकती है। पश्चिमी जिलों में बादलों की सक्रियता के कारण रातें अपेक्षाकृत गर्म रहेंगी। न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी से ठंड का असर और कम होगा, जबकि दिन में गर्माहट लगातार बढ़ती जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम के इस बदलते स्वरूप का असर खेती और दैनिक जीवन पर भी पड़ेगा। किसानों को सलाह दी गई है कि संभावित बूंदाबांदी और तेज हवाओं को ध्यान में रखते हुए फसलों की सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम करें। वहीं आम नागरिकों को भी तापमान में तेजी से हो रहे बदलाव को देखते हुए स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। फिलहाल प्रदेश में ठंड की विदाई और गर्मी की आहट साफ महसूस की जा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here