17 C
Lucknow
Sunday, February 15, 2026

वीबीजी रामजी लागू होने से पहले मनरेगा के अधूरे कार्य बने चुनौती, मजदूरी और सामग्री भुगतान अटका

Must read

कानपुर: केंद्र सरकार की ओर से एक अप्रैल से “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबीजी रामजी)” (VBG Ramji) लागू करने की तैयारी के बीच महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) के अधूरे कार्य प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। बीते चार वित्तीय वर्षों में शुरू हुए 12,346 कार्य अब तक पूरे नहीं हो सके हैं, जिससे हजारों मजदूरों का भुगतान अटका हुआ है।

अधूरे कार्यों से जुड़े 30 हजार से अधिक मजदूरों की मजदूरी और करीब तीन करोड़ रुपये की निर्माण सामग्री का भुगतान लंबित है। अधिकारियों के मुताबिक समय पर बजट जारी न होने से कार्यों की रफ्तार प्रभावित हुई। जिले के 10 ब्लॉकों में शुरू हुए 1,05,674 कार्यों में से 93,328 ही पूरे हो सके हैं, जो 88.32 प्रतिशत है। केंद्र ने 31 मार्च तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं।

नई व्यवस्था में सालाना रोजगार की सीमा 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने का प्रस्ताव है, जिससे ग्रामीणों को अतिरिक्त रोजगार मिल सके। हालांकि, वर्तमान हालात को देखते हुए पहले से लंबित कार्यों को निपटाना प्राथमिकता बन गया है। अधिकारियों का कहना है कि अधूरे कार्यों का समय से निस्तारण न होने पर नई योजना के क्रियान्वयन में दिक्कत आ सकती है।

बिल्हौर ब्लॉक में वर्ष 2022-23 में शुरू हुआ चकरोड निर्माण कार्य विवादों में फंसकर शुरुआती चरण में ही रुक गया। मनरेगा नियमों के अनुसार 30 प्रतिशत से कम प्रगति वाले कार्यों में मजदूरी भुगतान संभव नहीं है, जिसके चलते मजदूरों का भुगतान अटक गया और कार्य बंद हो गया। ऐसे कई अन्य कार्य भी तकनीकी और वित्तीय कारणों से अधर में लटके हैं।

जिले की 590 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कार्य कराए जाते हैं। वर्तमान में लगभग 38 हजार मजदूर पंजीकृत हैं, लेकिन बायोमेट्रिक प्रक्रिया के चलते करीब 1500 मजदूर ही सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। मजदूरी दर 252 रुपये प्रतिदिन है और मौजूदा वित्तीय वर्ष में करीब पांच लाख मानव दिवस सृजित हुए हैं। उपायुक्त मनरेगा चंद्रभान कनौजिया ने सभी बीडीओ को निर्देश दिए हैं कि मार्च तक लंबित कार्य हर हाल में पूरे कराए जाएं, हालांकि 30 प्रतिशत से कम प्रगति वाले कार्यों का भुगतान नियमानुसार नहीं किया जाएगा।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article