लखनऊ। प्रदेश की राजनीति में रविवार को बड़ा राजनीतिक फेरबदल देखने को मिला, जब कई वरिष्ठ नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर प्रदेश की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इसे सपा के लिए अहम रणनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है।
राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी को औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई। बहुजन समाज पार्टी की सरकार में कद्दावर मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी का सपा में शामिल होना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी मजबूत पकड़ और संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए इसे सपा के लिए बड़ी मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर पूर्व विधायक अनीस अहमद खान उर्फ फूल बाबू ने भी सपा का दामन थाम लिया। अनीस अहमद तीन बार विधायक रह चुके हैं और अपने क्षेत्र में प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। उनके अलावा कई पूर्व विधायकों और क्षेत्रीय नेताओं ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर संगठन को विस्तार देने का संकेत दिया।
राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ देते हुए अपना दल (S) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल ने भी सपा में शामिल होकर सबको चौंका दिया। इसे विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक वर्गों में सपा की पहुंच बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन दिग्गज नेताओं के शामिल होने से समाजवादी पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी और आगामी चुनावों में इसका असर देखने को मिल सकता है। राजधानी लखनऊ में हुए इस घटनाक्रम ने स्पष्ट संकेत दिया है कि 2027 के चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।






