फर्रुखाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय के नेत्र रोग विभाग में इन दिनों मोतियाबिंद के ऑपरेशन से जुड़े मरीजों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग में ऑपरेशन के दौरान और बाद में दी जाने वाली आवश्यक दवाइयां एवं आई ड्रॉप्स खत्म हो जाने से मरीजों को बाहर मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
जानकारी के अनुसार अस्पताल में प्रतिदिन कई मरीज मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए पहुंचते हैं। सरकार द्वारा निःशुल्क उपचार और दवा उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है, लेकिन वर्तमान स्थिति में अस्पताल के स्टोर में ऑपरेशन के बाद दी जाने वाली जरूरी एंटीबायोटिक ड्रॉप्स और अन्य दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इससे मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखी जा रही है।
मरीजों का कहना है कि अधिकतर लोग ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं और आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में जब उन्हें बाहर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं तो उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें ऑपरेशन के बाद तत्काल ड्रॉप्स डालने की जरूरत होती है, लेकिन अस्पताल में दवा न मिलने से परेशानी और बढ़ जाती है।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक दवाओं की आपूर्ति समय पर न होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दवाओं की मांग संबंधित उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है और जल्द ही आपूर्ति होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के सरकारी दावों के बीच दवाओं की कमी ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रीय लोगों ने मांग की है कि नेत्र रोग विभाग में आवश्यक दवाओं की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि गरीब मरीजों को राहत मिल सके और उन्हें बाहर भटकना न पड़े।

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