अंबेडकरनगर|  बसखारी क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित नवजीवन हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बीए पास 32 वर्षीय योगेश और इंटर के छात्र 19 वर्षीय शुभम ने मिलकर प्रियंका का ऑपरेशन किया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है, जबकि अस्पताल संचालिका रूबी की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार मालीपुर निवासी योगेश और बेलवाई, सुल्तानपुर निवासी शुभम विश्वकर्मा को बसखारी बाजार से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि योगेश के पिता भगवानदास जलालपुर सीएचसी में वार्ड बॉय थे और करीब दो वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए थे। उनके साथ रहते हुए ही योगेश ने चिकित्सकीय कार्यों में हाथ आजमाना शुरू कर दिया था। वह विभिन्न अस्पतालों में जाकर ऑपरेशन करने लगा था, जबकि शुभम भी उसके संपर्क में रहकर सर्जरी में सहयोग करता था।

जांच में यह भी सामने आया कि शुभम के पिता सुल्तानपुर के बेलवाई अखंडनगर में बजरंगी नर्सिंग होम संचालित करते हैं। पुलिस को संदेह है कि बिना वैध डिग्री और पंजीकरण के चिकित्सा कार्य किए जा रहे थे। आठ फरवरी को प्रशासन ने नवजीवन हॉस्पिटल को सील कर दिया था। नौ फरवरी को संदीप और सीएचसी बसखारी अधीक्षक डॉ. अजय की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार शैवाल ने बताया कि अस्पताल से जुड़े सभी डॉक्टरों और स्टाफ की डिग्री की गहन जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रसूता की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश है और क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की मांग उठ रही है।

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