आगरा। ताजनगरी आगरा में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा और सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हालिया बयान यह संकेत देते हैं कि वे अभी से स्वयं को प्रधानमंत्री के पद पर देख रहे हैं और पूरे देश की ओर से बोलने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रो. यादव ने ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे को लेकर भाजपा की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रवाद की असली कसौटी स्वतंत्रता संग्राम में योगदान से तय होती है, न कि केवल भाषणों और नारों से। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों का आजादी की लड़ाई में कोई प्रत्यक्ष योगदान नहीं रहा, वे आज देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांटने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के कथित बयान—‘हिंदुस्तान खाएंगे लेकिन वंदे मातरम् नहीं गाएंगे’—के संदर्भ में उन्होंने कहा कि देशभक्ति किसी एक दल या व्यक्ति की बपौती नहीं है। “देश की जनता तय करेगी कि राष्ट्रहित क्या है। कोई भी नेता पूरे देश की ओर से बोलने का अधिकार अपने आप नहीं ले सकता,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि आज प्रदेश और देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों से जूझ रही है, लेकिन सरकार इन सवालों से ध्यान हटाने के लिए भावनात्मक मुद्दों को उछाल रही है। सपा नेता ने दावा किया कि भाजपा जनता की वास्तविक समस्याओं से बचने के लिए वैचारिक बहस को हवा दे रही है।
प्रो. यादव ने अपने संबोधन में यह भी जोड़ा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को देशविरोधी करार देना खतरनाक प्रवृत्ति है। उन्होंने कहा कि विचारों की विविधता ही लोकतंत्र की ताकत है और इसे कमजोर करने का प्रयास देश के हित में नहीं है।






