मास्को। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। अमेरिका की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता के दो दौर पूरे हो चुके हैं, जबकि तीसरे दौर की बैठक स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में 17-18 फरवरी को प्रस्तावित है। इस बारे में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने जानकारी दी है।
तुर्किये की समाचार एजेंसी अनादोलू एजेंसी के अनुसार, जिनेवा में होने वाली यह बैठक अगले सप्ताह आयोजित की जाएगी। पेसकोव ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “इस बात पर सहमति बनी है कि यह अगले हफ्ते जरूर होगी। हम आपको जगह और सही तारीखें बताएंगे।” हालांकि उन्होंने एजेंडे के बिंदुओं का खुलासा नहीं किया।
इससे पहले जनवरी और फरवरी की शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच दो दौर की बातचीत अबू धाबी में हो चुकी है। इन बैठकों में पहली बार युद्धबंदियों की अदला-बदली पर सहमति बनी, जिसे कूटनीतिक प्रगति के रूप में देखा गया। हालांकि क्षेत्रीय नियंत्रण, युद्धविराम और सुरक्षा गारंटी जैसे मुख्य मुद्दों पर अब भी ठोस सहमति नहीं बन पाई है।
फरवरी के दूसरे दौर के बाद रूस और यूक्रेन ने लगभग पांच महीने बाद बड़े पैमाने पर कैदियों की अदला-बदली की। दोनों देशों ने 157-157 लोगों को रिहा किया। वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रिहा किए गए लोगों में सैन्यकर्मी और आम नागरिक दोनों शामिल थे, जिसे उन्होंने मानवीय दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम बताया।
यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव ने कहा कि उनका प्रतिनिधिमंडल “सम्मानजनक और स्थायी शांति” की मांग पर कायम है। हालांकि बैठक के बाद कोई संयुक्त राजनीतिक या सुरक्षा बयान जारी नहीं किया गया, जिससे संकेत मिलता है कि दोनों पक्षों के बीच मतभेद अब भी गहरे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बातचीत को “रचनात्मक और सकारात्मक” बताया, लेकिन यह भी स्वीकार किया कि व्यापक समाधान के लिए अभी और प्रयासों की आवश्यकता है। विश्लेषकों का मानना है कि जिनेवा में होने वाला तीसरा दौर निर्णायक साबित हो सकता है, बशर्ते युद्धविराम और क्षेत्रीय व्यवस्था जैसे जटिल मुद्दों पर कोई व्यावहारिक समझौता निकल सके। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस अहम बैठक पर टिकी हैं।


