कौशाम्बी |
उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश शासन) के तत्वावधान में जिला विज्ञान क्लब कौशाम्बी द्वारा वैज्ञानिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राजकीय हाई स्कूल रसूलपुर बदले, मूरतगंज में अंधविश्वासों के विरुद्ध किया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को चमत्कारों और तथाकथित जादू के पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों से अवगत कराया।
विशेषज्ञ प्रमोद मिश्र ने बताया कि समाज में दिखाए जाने वाले अधिकतर चमत्कार विज्ञान पर आधारित होते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के अनुरूप प्रत्येक व्यक्ति में वैज्ञानिक सोच का विकास होना चाहिए और किसी भी घटना को परखना-समझना हमारा कर्तव्य है। कार्यक्रम में रस्सी काटकर जोड़ना, खौलते तेल में उंगली डालना, अग्नि स्नान, जीभ पर दिया जलाना, खाली डिब्बे से माला निकालना, छन्नी से पानी न गिरना जैसे कई तथाकथित चमत्कारों का प्रदर्शन कर उनके पीछे के वैज्ञानिक कारण समझाए गए।
जिला समन्वयक वसीम अहमद ने कहा कि समाज को झाड़-फूंक, टोना-टोटका और अंधविश्वास के नाम पर ठगा जा रहा है। ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य आमजन में वैज्ञानिक चेतना जागृत करना है। मुख्य अतिथि कविता पासी, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद भरवारी ने कहा कि विज्ञान सत्य पर आधारित है और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने विज्ञान क्लब की पहल की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान पोस्टर, मॉडल और मौखिक विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। पोस्टर प्रतियोगिता में दीपांजलि प्रथम, आदित्य द्वितीय और सतीश पटेल तृतीय स्थान पर रहे। मॉडल प्रतियोगिता में हिमांशु कुमार प्रथम, अमन कुमार द्वितीय और सोनी तृतीय रहीं। प्रश्नोत्तरी में साहिल कुमार, मोहम्मद हफीज उद्दीन, रुनझुन और रंजीत यादव चयनित हुए। सभी विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार त्रिपाठी ने अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।


