फतेहपुर
फतेहपुर में विकसित भारत-जी राम जी (पूर्व में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत फर्जी फोटो लगाकर मजदूरी निकालने की शिकायतों पर अब सख्ती की जा रही है। शासन के निर्देश पर जिले में सक्रिय जॉब कार्डधारकों की ई-केवाईसी कराई जा रही है। ई-केवाईसी पूरी होने के बाद कार्यस्थल पर श्रमिकों की फोटो केवल निर्धारित मोबाइल एप के माध्यम से ही अपलोड की जाएगी।
नई व्यवस्था के अनुसार, एक ही फोटो को दोबारा अपलोड करने या किसी अन्य व्यक्ति की फोटो लगाने की कोशिश पर एप स्वतः उसे खारिज कर देगा। फोटो का मिलान आधार कार्ड में दर्ज तस्वीर से किया जाएगा और साथ ही लोकेशन भी जांची जाएगी। यदि फोटो किसी अन्य स्थान से या पुरानी तस्वीर के रूप में अपलोड की गई पाई गई, तो सिस्टम अलर्ट जारी करेगा और उसे स्वीकार नहीं करेगा।
प्रशासन का मानना है कि इस तकनीकी व्यवस्था से योजना में लंबे समय से चले आ रहे फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगेगी। पहले कई स्थानों पर बिचौलियों या कर्मचारियों द्वारा फर्जी फोटो अपलोड कर मजदूरी निकाले जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे वास्तविक श्रमिकों को लाभ नहीं मिल पाता था।
शासन का लक्ष्य योजना को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित कार्य की मजदूरी जारी नहीं की जाएगी। भविष्य में पहचान को और अधिक सटीक बनाने के लिए रेटीना स्कैन जैसी तकनीक लागू करने की भी तैयारी की जा रही है।


