बरेली| पुलिस ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए 16 वर्षीय किशोरी की हत्या के मामले को सुलझाने के साथ ही वर्ष 2017 में हुई एक महिला की गुमनाम हत्या का भी पर्दाफाश कर दिया है। मामला क्योलड़िया क्षेत्र का है, जहां जनवरी में लापता हुई किशोरी के अवशेष आठ महीने बाद सितंबर में जंगल से बरामद हुए थे। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि हड्डियां उसी किशोरी की थीं। जांच के दौरान मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस ने गांव के हिस्ट्रीशीटर सलीम हुसैन को हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सलीम शुरू में लगातार गुमराह करता रहा। जब अधिकारियों ने उसका पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की तैयारी शुरू की, तो वह घबरा गया और दिल्ली ले जाए जाने से पहले ही फरार हो गया। बाद में पुलिस ने उसे उसके सहयोगी अमित उर्फ असिम (डॉ. बंगाली) के साथ गिरफ्तार कर लिया। सख्त पूछताछ में दोनों ने न केवल किशोरी की हत्या बल्कि 2017 में असिम की पत्नी रजनी की हत्या की भी बात कबूल कर ली।
पूछताछ में असिम ने बताया कि उसने दिल्ली में क्लीनिक चलाने के दौरान उन्नाव निवासी रजनी से शादी की थी। वैवाहिक विवाद के चलते उसने सलीम के साथ मिलकर 2017 में पत्नी को शराब पिलाई और कैलाश नदी के किनारे ले जाकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। शव को नदी किनारे गड्ढे में दफना दिया गया था। पुलिस अब बताए गए स्थान पर खुदाई कर कंकाल बरामद करने की तैयारी में जुटी है।
वहीं किशोरी की हत्या के बारे में सलीम ने बताया कि विवाद के बाद उसने गुस्से में आकर उसका गला दबा दिया और शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया। बाद में पहचान छिपाने के लिए खोपड़ी नदी में फेंक दी। एसपी नॉर्थ मुकेश मिश्र ने बताया कि पॉलीग्राफ टेस्ट को लेकर फैली गलतफहमी और डर के कारण आरोपी टूट गए और सच्चाई सामने आ गई। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।


