फर्रुखाबाद। शहर में इन दिनों पान मसाला प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर बिकने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि कुछ होलसेल दुकानदारों ने कम कीमत में भारी मात्रा में पान मसाला खरीदकर उसका स्टॉक कर लिया है और अब छोटे दुकानदारों को वही माल प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है।
इस स्थिति से छोटे दुकानदारों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि जब वे होलसेल बाजार से पान मसाला खरीदने जाते हैं तो उनसे मनमाने दाम वसूले जाते हैं। ऐसे में उन्हें मजबूरन ग्राहकों को भी अधिक कीमत पर पान मसाला बेचना पड़ता है, जिससे रोज विवाद की स्थिति बन रही है।
ग्राहकों और दुकानदारों के बीच बढ़ा तनाव
छोटे दुकानदारों का कहना है कि पान मसाला के पैकेट पर स्पष्ट रूप से अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) अंकित है, लेकिन होलसेल व्यापारी उससे अधिक दर पर बिक्री कर रहे हैं। जब ग्राहक प्रिंट रेट देखकर उसी कीमत पर मांग करते हैं, तो दुकानदारों को सफाई देनी पड़ती है। कई बार बहस और कहासुनी तक की नौबत आ जाती है।
एक स्थानीय दुकानदार ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया,
“हम लोग तो रोज की कमाई से घर चलाते हैं। अगर होलसेल में ही महंगा माल मिलेगा तो ग्राहक हमसे नाराज होंगे। इससे हमारी छवि भी खराब हो रही है।”
जमाखोरी और मुनाफाखोरी के आरोप
छोटे व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि कुछ होलसेल दुकानदार जानबूझकर स्टॉक जमा कर कृत्रिम कमी पैदा कर रहे हैं, ताकि बाजार में कीमतें बढ़ाई जा सकें। इससे न केवल छोटे दुकानदारों का शोषण हो रहा है बल्कि उपभोक्ताओं को भी अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
व्यापार मंडल के कुछ पदाधिकारियों ने भी इस मामले में प्रशासन से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बाजार में असंतोष और बढ़ सकता है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
छोटे दुकानदारों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि होलसेल बाजार की जांच कराई जाए और एमआरपी से अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।





