– डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी की सख्ती
– एसपी आरती सिंह की सुपर पुलिसिंग से ताबड़तोड़ कार्रवाई
फर्रुखाबाद।कुख्यात माफिया अनुपम दुबे और उसके गैंग के खिलाफ प्रशासन ने निर्णायक मोर्चा खोल दिया है। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त रणनीति के तहत गैंगस्टर एक्ट में बड़ी कार्रवाई करते हुए अनुपम दुबे के दोनों भाइयों—अनुराग दुबे उर्फ डब्बन और अमित दुबे उर्फ बब्बन—को साथियों सहित जेल भेज दिया गया है। अब पुलिस ने पूरे गैंग की आर्थिक और आपराधिक जड़ों पर प्रहार शुरू कर दिया है।
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साफ संदेश दिया है कि जिले में माफिया तंत्र को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार डीएम उस समय विशेष रूप से नाराज हुए जब उन्हें जानकारी मिली कि गैंग ने भगवान हनुमान के नाम दर्ज एक ट्रस्ट की जमीनों पर भी कागजी हेरफेर के जरिए कब्जा जमाने की कोशिश की। प्रशासन ने ऐसी कई संपत्तियों को चिन्हित किया है, जिन पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और प्रभाव के बल पर कब्जा किया गया।
डीएम के निर्देश पर राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीमों ने इन संपत्तियों का सत्यापन शुरू कर दिया है। संकेत हैं कि अवैध कब्जों को जल्द ही ध्वस्त करने और ट्रस्ट की जमीनों को मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक सख्ती से साफ है कि धार्मिक आस्था से जुड़े संसाधनों पर कब्जे के प्रयास को शासन अत्यंत गंभीरता से ले रहा है।
वहीं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की रणनीति ने पूरे ऑपरेशन को धार दी है। बीती रात पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश देकर गैंग से जुड़े छह शातिरों को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि गैंग का एक करीबी नॉन-प्रैक्टिसिंग वकील अभी कार्रवाई से बचा हुआ है, लेकिन वह भी पुलिस की रडार पर है। एसपी की निगरानी में गठित विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और गैंग के नेटवर्क को तोड़ने में जुटी हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जेल से बाहर आने के बाद अनुराग दुबे डब्बन और अमित दुबे बब्बन की गतिविधियां फिर से चर्चा में थीं। डब्बन को कचहरी परिसर में चिन्हित वकीलों के आसपास सक्रिय देखा जा रहा था, जबकि अमित दुबे बब्बन दोबारा मोहम्मदाबाद ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर आसीन हो गया था। प्रशासन को आशंका थी कि गैंग दोबारा अपने प्रभाव का विस्तार करने की कोशिश में है।
इतना ही नहीं, आरोप है कि गैंग अपने समाज को भड़काकर यह संदेश देने की कोशिश कर रहा था कि सरकार उनके परिवार का उत्पीड़न कर रही है। जबकि स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि अनुपम दुबे पर अपने ही समाज के लोगों के उत्पीड़न और गंभीर आपराधिक कृत्यों के आरोप रहे हैं, जिनमें पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक जघन्य मामला भी शामिल बताया जाता है।
डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी की सख्त प्रशासनिक निगरानी और एसपी आरती सिंह की आक्रामक पुलिसिंग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। गैंग की आर्थिक कमर तोड़ने, अवैध संपत्तियों की जांच और सहयोगियों की गिरफ्तारी के जरिए प्रशासन ने बहुस्तरीय रणनीति अपनाई है।
जिले में चल रही इस कार्रवाई को “जीरो टॉलरेंस” नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के रूप में देखा जा रहा है। आम जनता के बीच यह संदेश गया है कि चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है। आने वाले दिनों में गैंग के अन्य सदस्यों पर भी बड़ी कार्रवाई की संभावना है।
फर्रुखाबाद में प्रशासन की यह सख्ती न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भरोसे का संदेश भी—कि शासन और पुलिस मिलकर कानून का राज स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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