– फर्रुखाबाद में भूमि अधिग्रहण शुरू, 900 करोड़ जारी
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने गंगा एक्सप्रेस-वे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को जोड़ने वाले 92 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए फर्रुखाबाद जनपद में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। शासन स्तर से इस परियोजना के लिए 900 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है, जिससे अधिग्रहण और प्रारंभिक कार्यों में तेजी आएगी।
जानकारी के अनुसार यूपीडा ने परियोजना के तहत पहली रजिस्ट्री भी करा ली है, जो भूमि अधिग्रहण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। इस लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए करीब 500 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। यह भूमि लगभग 30 गांवों के करीब 25 हजार किसानों से खरीदी जानी है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जा रही है। किसानों को निर्धारित सर्किल रेट से अधिक मुआवजा देने की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। संबंधित राजस्व टीमों और यूपीडा अधिकारियों को गांव-गांव जाकर सहमति पत्र और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह 92 किमी लंबा लिंक एक्सप्रेस-वे रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके निर्माण से गंगा एक्सप्रेस-वे के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के जरिए मध्य व पूर्वी क्षेत्रों के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित होगा। फर्रुखाबाद जनपद इस कनेक्टिविटी का प्रमुख लाभार्थी बनेगा।
परियोजना के तहत प्रस्तावित मार्ग औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक हब, वेयरहाउसिंग और कृषि उत्पादों की तेज ढुलाई के लिए नई संभावनाएं खोलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय कृषि उत्पाद—विशेषकर आलू और अन्य नकदी फसलों—को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में समय और लागत दोनों की बचत होगी।
900 करोड़ रुपये की प्रारंभिक धनराशि मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक व्यय के लिए जारी की गई है। इसके बाद निर्माण कार्य के लिए अलग से बजट स्वीकृत किया जाएगा। परियोजना पूरी होने पर हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
जिलाधिकारी स्तर पर भी अधिग्रहण की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों की सहमति से तेज गति से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में शुरू हो सके।फर्रुखाबाद सहित आसपास के जिलों के लिए यह परियोजना आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाली मानी जा रही है।






