होर्डिंग-बैनर को लेकर बदले नियम, राज्यपाल की मंजूरी के बाद लागू होगा नया प्रावधान
लखनऊ। विज्ञापन व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने जा रहा है। 1 अप्रैल 2026 से होर्डिंग और बैनर लगाने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेने की अनिवार्यता समाप्त कर दी जाएगी।
यह बदलाव उत्तर प्रदेश नगर विकास विभाग द्वारा तैयार किए गए नए बायलॉज के तहत किया गया है। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह नया नियम निर्धारित तिथि से प्रभावी होगा।
नगर विकास विभाग ने विज्ञापन नियंत्रण से जुड़े नियमों में व्यापक संशोधन किया है। अब विज्ञापन अनुमति की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। पहले जहां होर्डिंग या बैनर लगाने के लिए एलडीए से अलग से NOC लेनी पड़ती थी, वहीं अब यह बाध्यता समाप्त कर दी जाएगी।
तय होंगे विज्ञापन के मानक
नए नियमों के तहत विज्ञापनों के लिए स्पष्ट मानक तय किए जाएंगे। इनमेंहोर्डिंग का आकार और संरचना,
सामग्री की गुणवत्ता,
सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा,
यातायात और सौंदर्यीकरण मानक
जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया है।
अब तक विज्ञापन एजेंसियों और व्यापारियों को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नए नियम लागू होने के बाद अनुमति प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और समयबद्ध होने की संभावना है।
प्रशासन का कहना है कि नियमों में ढील नहीं, बल्कि व्यवस्था को व्यवस्थित किया जा रहा है। अवैध और असुरक्षित होर्डिंग्स पर कार्रवाई जारी रहेगी।
नया प्रावधान 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। संबंधित विभागों को इसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
एलडीए से NOC की अनिवार्यता समाप्त होने के बाद राजधानी में विज्ञापन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि सुरक्षा और मानकों के पालन पर प्रशासन सख्त रुख बनाए रखेगा।






