इटावा। भरथना रेलवे स्टेशन के समीप चलती ट्रेन से गिरकर बिहार के 22 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। युवक पंजाब से अपने घर पूर्णिया जा रहा था। हादसे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अज्ञात के रूप में रखवा दिया था, लेकिन तलाशी के दौरान जेब से मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान हो सकी। सूचना मिलने पर परिजन भरथना पहुंचे, जिसके बाद पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कराया गया।
मृतक की पहचान दशरथ ऋषि पुत्र मिट्ठू ऋषि निवासी ग्राम चरैया रेहठआ, थाना एवं जिला पूर्णिया (बिहार) के रूप में हुई। वह पंजाब के लुधियाना जनपद के ताजपुर थाना क्षेत्र में प्राइवेट नौकरी करता था। परिवार के सदस्य भी उसके साथ पंजाब में ही रहते थे। दशरथ पांच भाइयों में चौथे नंबर पर था और परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहा था। परिजनों के अनुसार वह मेहनती और जिम्मेदार स्वभाव का युवक था।
परिवार ने बताया कि दशरथ अपनी पत्नी संगीता को लेने उसके मायके ग्राम हरराही, जिला पूर्णिया जा रहा था। वह 9 फरवरी को पंजाब से ट्रेन में सवार होकर निकला था। 10 फरवरी की रात भरथना रेलवे स्टेशन के बी-20 पोल के पास किसी कारणवश चलती ट्रेन से गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त के प्रयास शुरू किए। तलाशी के दौरान जेब से मिले आधार कार्ड से पहचान संभव हो सकी और परिजनों को सूचना दी गई। गुरुवार को मृतक के बड़े भाई शम्भू ऋषि, छोटे भाई सोमन तथा मामा सुबोध ऋषि सहित पांच परिजन भरथना पहुंचे और कपड़ों के आधार पर शव की पहचान की। दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की गई।
इसके बाद सामाजिक संगठनों एवं रक्तदाता समूह के सहयोग से अंतिम संस्कार कराया गया। गांव में युवक की असमय मौत से शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


