एटा। जनपद में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री और सेवन पर नियंत्रण के उद्देश्य से एटा पुलिस ने विशेष चेकिंग एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा श्याम नारायण सिंह के निर्देश पर थाना एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) एटा द्वारा कोतवाली नगर क्षेत्र में यह अभियान संचालित किया गया। अभियान अपर पुलिस महानिदेशक, आगरा जोन के आदेशों के अनुपालन में अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) एवं नोडल अधिकारी एएचटी के पर्यवेक्षण में चलाया गया।
एएचटी/एसजेपीयू प्रभारी निरीक्षक डॉ. अमन प्रताप सिंह के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने तहसील क्षेत्र में खोखे, ठेले, होटल, ढाबे एवं पान-सिगरेट की दुकानों की सघन जांच की। टीम में जनपद सलाहकार तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के साथ अरविंद कुमार (मनोवैज्ञानिक), योगेश कुमार (सोशल वर्कर) तथा हतेंद्र कुमार (सीएमओ ऑपरेटर) भी शामिल रहे। अधिकारियों ने दुकानदारों को सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा)-2003 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक तथा शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बिक्री प्रतिबंध जैसे प्रावधानों की विशेष जांच की गई। उल्लंघन पाए जाने पर 5 प्रतिष्ठानों से कुल 300 रुपये का सम्मन शुल्क वसूला गया और भविष्य में नियमों के पालन की सख्त चेतावनी दी गई।
टीम ने “तम्बाकू का शौक – किश्तों में मौत, आइए जीवन चुनें, तम्बाकू नहीं” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। युवाओं को विशेष रूप से समझाया गया कि तम्बाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग और श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। तम्बाकू छोड़ने के इच्छुक व्यक्तियों को जिला चिकित्सालय, एटा के कक्ष संख्या 44 स्थित तम्बाकू निषेध क्लिनिक से संपर्क करने तथा राष्ट्रीय टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-2356 का उपयोग करने की सलाह दी गई।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों और अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों और युवाओं को तम्बाकू की लत से दूर रखने में सहयोग करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे अभियान निरंतर चलाए जाएंगे और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


