नई दिल्ली। संसद के भीतर कथित वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर सियासी तापमान अचानक बढ़ गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी ने संसद परिसर के भीतर गैर-कानूनी तरीके से वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि 20-25 कांग्रेस सांसद लोकसभा अध्यक्ष के चैंबर में घुसकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धमकाने की कोशिश कर रहे थे।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसद में अनुपस्थिति पर सवाल उठाए गए थे। वीडियो में विपक्ष ने सरकार की जवाबदेही पर निशाना साधते हुए पीएम की गैरमौजूदगी को मुद्दा बनाया। इसके जवाब में किरेन रिजिजू ने भी संसद परिसर से जुड़ा एक वीडियो साझा किया और कांग्रेस पर संसदीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
रिजिजू ने कहा कि संसद के भीतर बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्ड करना नियमों के खिलाफ है और यह विशेषाधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसदों का व्यवहार असंसदीय था और वे स्पीकर के चैंबर में दबाव की राजनीति कर रहे थे। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ करार दिया और कहा कि ऐसे आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
वहीं कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि पार्टी केवल प्रधानमंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग कर रही थी और वीडियो के जरिए जनता के सामने सच्चाई रखी गई है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि संसद जनता के प्रति जवाबदेह संस्था है और प्रधानमंत्री को महत्वपूर्ण बहसों के दौरान उपस्थित रहना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम ने संसद के भीतर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव को और तेज कर दिया है। अब सवाल यह है कि क्या इस मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाएगा या संसद की कार्यवाही में इस पर औपचारिक चर्चा होगी। फिलहाल, वीडियो और आरोप-प्रत्यारोप के इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया

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