कानपुर। ग्वालटोली के पॉश इलाके में रविवार रात हुए हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी हादसे के मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच, सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के वीडियो के आधार पर यह पुष्टि हुई है कि हादसे के समय लग्जरी कार शिवम ही चला रहा था। दुर्घटना में एक ऑटो रिक्शा और एक बुलेट बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, जबकि छह लोग घायल हुए थे।
यह भीषण हादसा रविवार रात वीआईपी रोड पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब 10-12 करोड़ रुपये कीमत की लैंबॉर्गिनी तेज रफ्तार में थी। अनियंत्रित कार पहले एक ऑटो से टकराई और फिर सड़क किनारे खड़ी बुलेट बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार युवक करीब 10 फुट उछलकर दूर जा गिरा। इसके बाद कार एक बिजली के खंभे से टकराकर रुकी। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
मामले में उस समय नया मोड़ आया जब शिवम मिश्रा और उनके परिवार की ओर से दावा किया गया कि कार शिवम नहीं, बल्कि उनका ड्राइवर मोहन चला रहा था। मोहन ने अदालत में शपथ पत्र देकर कहा कि शिवम की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और वे उस पर गिर पड़े, जिससे संतुलन बिगड़ने से हादसा हुआ। हालांकि पुलिस ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो से स्पष्ट है कि हादसे के तुरंत बाद बाउंसर्स ने शिवम को ड्राइविंग सीट से बाहर निकाला और दूसरी गाड़ी में बैठाकर वहां से ले गए। इससे यह साबित होता है कि स्टीयरिंग शिवम के हाथ में था।
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने पुष्टि की है कि जांच के आधार पर आरोपी की भूमिका स्पष्ट हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है और चाहे आरोपी कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी के बाद शिवम मिश्रा को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी प्रकार का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा और जांच निष्पक्ष व तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

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