कासगंज। आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व जनपद कासगंज में पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। शिवभक्त कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। पर्व के दौरान संभावित भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जिले के प्रमुख मार्गों पर चार दिनों तक डायवर्जन व्यवस्था लागू रहेगी।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर दूर-दराज जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर पहुंचते हैं। कांवड़ यात्रा मार्गों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए सभी संवेदनशील बिंदुओं पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। परिवर्तित मार्गों पर जगह-जगह पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है और यातायात संकेतक भी लगाए जा रहे हैं, ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासन द्वारा जारी व्यवस्था के अनुसार एटा, हाथरस और अलीगढ़ से बदायूं-बरेली की ओर जाने वाले वाहनों को अलग-अलग बिंदुओं से डायवर्ट कर सहावर, गंजडुंडवारा होते हुए कादरगंज पुल के रास्ते बदायूं सीमा में प्रवेश कराया जाएगा। कछला गंगाघाट से कासगंज आने वाले वाहनों को सोरों थाना क्षेत्र से डायवर्ट कर सहावर, अमांपुर और एटा मार्ग से भेजा जाएगा। वहीं बदायूं से कासगंज आने वाले भारी वाहनों को कादरगंज गंगा पुल से सिकंदरपुर वैश्य, गंजडुंडवारा और सिढ़पुरा मार्ग से गुजरना होगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने लहरा घाट, लहरा गांव, कुष्ठ आश्रम परिसर, घोड़ा मेला ग्राउंड और मेला ग्राउंड (होल्डिंग एरिया) में पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं। यहां सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ प्रकाश और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग और आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया है। मंदिरों और घाटों के आसपास सफाई व्यवस्था, पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का ही प्रयोग करें और पुलिस-प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, ताकि महाशिवरात्रि का पर्व शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो


