कासगंज। तहसील सदर परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक फरियादी के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने पर पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले में त्वरित कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार मोहल्ला जय-जयराम निवासी संतोष गौड़ शनिवार दोपहर अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत लेकर मंडलायुक्त संगीता सिंह के समक्ष फरियाद रखने तहसील सदर पहुंचे थे। आरोप है कि मंडलायुक्त से मिलने के दौरान गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों से उनकी कहासुनी हो गई। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने संतोष गौड़ का कॉलर पकड़कर उन्हें हाल से बाहर कर दिया। बाद में उन्हें पुलिस की जीप में बैठाकर कोतवाली ले जाया गया, जहां से देर शाम उन्हें छोड़ा गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला चर्चा में आ गया। वीडियो में पुलिसकर्मियों द्वारा फरियादी के साथ सख्ती बरतते हुए बाहर ले जाते हुए देखा गया, जिसके बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने जांच कराते हुए सदर कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल राजेश तोमर और थाना ढोलना में तैनात आरक्षी संजय कुमार को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही दोनों को तत्काल प्रभाव से वर्तमान तैनाती स्थल छोड़ने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जनसुनवाई कार्यक्रमों में आने वाले फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना अनिवार्य है। किसी भी स्थिति में अभद्रता या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि इस प्रकार की शिकायत सामने आती है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का निस्तारण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ किया जाएगा।


