कासगंज: पवित्र तीर्थ नगरी सोरोंजी (Soronji) इन दिनों पूर्णतः भक्तिमय वातावरण में डूबी हुई है। महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का पावन पर्व नजदीक आते ही यहां कांवड़ियों का तांता लगना शुरू हो गया है। राजस्थान, मध्यप्रदेश समेत उत्तर प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोरोंजी पहुंच रहे हैं और परंपरा के अनुसार गंगाजल भरकर भोलेनाथ को अर्पित करने की तैयारी में जुटे हैं।
तीर्थनगरी में प्रवेश करते ही कांवड़ियों के चेहरों पर उल्लास, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। परिवहन निगम की बसों और निजी वाहनों से लगातार श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। कांवड़िए सबसे पहले कासगंज गेट, चंदन चौक और होडलपुर मेला परिसर पहुंचकर कांवड़ और पूजन सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं। बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है और पूरा क्षेत्र ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंज रहा है।
लहरा घाट से गंगाजल लाने का पावन सफर शुरू हो चुका है। श्रद्धालु लहरा घाट पर गंगा स्नान कर विधि-विधान से गंगाजल भर रहे हैं। इसके बाद जयकारों के साथ प्राचीन लहरेश्वर महादेव मंदिर की ओर प्रस्थान कर भोलेनाथ के दर्शन कर रहे हैं। कांवड़ियों ने हरि की पौड़ी की परिक्रमा कर क्षेत्राधीश वराह भगवान के भी दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।
सोरोंजी की गलियां, घाट और मंदिर परिसर इन दिनों भक्ति की गूंज से सराबोर हैं। हर कांवड़ में श्रद्धा का भार है, हर कदम में भक्ति की ध्वनि और हर हृदय में शिव के प्रति अटूट विश्वास झलक रहा है। तीर्थ नगरी से उठता यह आस्था का सैलाब जब कासगंज की सड़कों से गुजरता है तो हाथों में गंगाजल से भरी कांवड़ें, आंखों में श्रद्धा और होंठों पर शिव नाम का जाप अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है।
महाशिवरात्रि को लेकर प्रशासन भी व्यवस्थाओं में जुटा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सोरोंजी में उमड़ती यह आस्था न केवल धार्मिक परंपरा का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवंत झलक भी प्रस्तुत कर रही है।


