फर्रुखाबाद| बहुप्रतीक्षित लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया विधिवत रूप से शुरू हो गई है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेस-वे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को आपस में जोड़ने का कार्य करेगी, जिससे न केवल जिले बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 के बजट में इस 92 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए 900 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की थी, जिसके बाद यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) और राजस्व विभाग ने भूमि क्रय की प्रक्रिया को तेज कर दिया।
मंगलवार को तहसील सदर, फर्रुखाबाद स्थित उप-पंजीयक कार्यालय में इस परियोजना के अंतर्गत पहली भूमि रजिस्ट्री संपन्न हुई। ग्राम सिरमौरा तराई निवासी किसान रूपलाल ने अपनी लगभग दो बीघा तीन बिस्वा भूमि यूपीडा के पक्ष में बैनामा कर दी। इस अवसर पर तहसीलदार सदर सनी कनौजिया, नायब तहसीलदार मनीष वर्मा तथा राजस्व निरीक्षक अशोक त्रिपाठी सहित अन्य राजस्व कर्मी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि यह रजिस्ट्री भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत है और आने वाले दिनों में अन्य किसानों की जमीनों का पंजीकरण भी कराया जाएगा।
लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण से फर्रुखाबाद, कन्नौज और आसपास के जिलों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। इससे आवागमन सुगम होगा, परिवहन लागत में कमी आएगी और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में भी सुविधा होगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही, क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होने की भी संभावना है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से की जा रही है और किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मुआवजा समय पर दिया जाएगा। परियोजना को प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में रखा गया है और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य प्रारंभ कराने की तैयारी चल रही है।
जनपद में इस परियोजना को विकास की दृष्टि से ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि एक्सप्रेस-वे बनने से फर्रुखाबाद प्रदेश के प्रमुख मार्गों से सीधे जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई गति मिलेगी।




