बजट 2026-27 में रोजगार, टेक्नोलॉजी और डेटा सेंटर को बढ़ावा
लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट भाषण में खादी एवं ग्रामोद्योग से लेकर आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तक कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। सरकार ने ग्रामीण रोजगार, पारंपरिक कारीगरों के सशक्तिकरण और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती देने पर विशेष जोर दिया है।
“मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना” के तहत वर्ष 2026-27 में 800 नई इकाइयों की स्थापना के लिए 40 करोड़ रुपये बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे लगभग 16,000 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।
पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत ग्रामीण इकाइयों को बैंक ऋण पर ब्याज उपादान की सुविधा के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कंबल उत्पादन केंद्र, खजनी (गोरखपुर) के आधुनिकीकरण के लिए नई योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके लिए 7 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।
उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों के विकास हेतु संचालित माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और पारंपरिक उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी।
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए इस वर्ष 2,059 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 76 प्रतिशत अधिक है।
उत्तर प्रदेश एआई मिशन के लिए 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
49 आईटीआई में एआई लैब स्थापित करने, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडिया एआई डेटा लैब्स के लिए 32 करोड़ 82 लाख रुपये का प्रावधान है। साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना हेतु 95 करोड़ 16 लाख रुपये की नई योजना प्रस्तावित की गई है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एआई-प्रजा कार्यक्रम के तहत माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम और वन एम वन बी जैसी वैश्विक कंपनियों के सहयोग से किसानों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों और सरकारी अधिकारियों को एआई प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रदेश में 30,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 8 डेटा सेंटर पार्क स्थापित करने और 900 मेगावॉट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए गए हैं, जिनमें 6 डेटा सेंटर पार्क और 2 डेटा सेंटर इकाइयाँ शामिल हैं। इससे लगभग 21,342 करोड़ रुपये का निवेश और 644 मेगावॉट क्षमता अर्जित की गई है।
बजट 2026-27 में सरकार ने स्पष्ट रूप से दोहरी रणनीति अपनाई है—एक ओर ग्रामीण और पारंपरिक उद्योगों को मजबूत करना, दूसरी ओर एआई और डेटा सेंटर जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन घोषणाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन किस गति से होता है और रोजगार सृजन के लक्ष्य कितनी जल्दी पूरे होते हैं।




