औरैया
बिधूना कस्बे में शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत के साथ ही फूल मंडी खुशबू से सराबोर हो गई है। घरों की सजावट से लेकर विवाह मंडप, जयमाला स्टेज और स्वागत द्वार तक फूलों की सजावट की धूम मची हुई है। इससे फूलों के कारोबार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है।
सहालग के चलते गेंदा और गुलाब के फूलों की सबसे अधिक मांग है। बढ़ती जरूरत को पूरा करने के लिए स्थानीय फूल कारोबारी कानपुर और लखनऊ की मंडियों से थोक में फूल मंगवा रहे हैं। इससे न केवल बाजार की रौनक बढ़ी है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
शादी की रस्मों जैसे मेहंदी, हल्दी, मंडप और जयमाला में फूलों की सजावट लोगों की पहली पसंद बन चुकी है। कस्बे के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी फूलों से सजे आयोजन देखने को मिल रहे हैं। कई परिवारों ने पहले से ही फूलों की सजावट के लिए बुकिंग करा रखी है।
फूल कारोबारियों के अनुसार वर्तमान में गेंदा 100 रुपये प्रति किलो, गुलाब 300 से 500 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। ग्लेडियोलस स्टिक 50 रुपये प्रति पीस और अंग्रेजी गुलाब की गड्डी करीब दो हजार रुपये में उपलब्ध है। जयमाला की मालाएं मांग के अनुसार 10 हजार रुपये तक में बिक रही हैं और आगे कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना है।
कारोबारियों का कहना है कि अब पुष्प वर्षा, फूलों की लड़ियां और थीम आधारित डेकोरेशन का चलन तेजी से बढ़ा है। वहीं, प्राकृतिक फूलों के बढ़ते दामों को देखते हुए आर्टिफिशियल फूलों की सजावट का भी क्रेज बढ़ रहा है। ये फूल टिकाऊ होते हैं और खुशबू के लिए सेंट के प्रयोग से प्राकृतिक फूलों जैसे ही आकर्षक नजर आते हैं।


