20 C
Lucknow
Tuesday, February 10, 2026

गुरुकुल पद्धति: संस्कारों की शिक्षा और दुर्वासा आश्रम की जीवंत परंपरा

Must read

प्रशांत कटियार

भारतीय शिक्षा परंपरा (Indian education traditionका आधार केवल विद्या अर्जन नहीं, बल्कि संस्कार, संयम, सेवा और जीवन मूल्यों का निर्माण रहा है। इसी दर्शन से जन्मी गुरुकुल पद्धति आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी प्राचीन काल में थी। आधुनिक शिक्षा की अंधी दौड़ के बीच जब नैतिकता और संस्कार पीछे छूटते जा रहे हैं, तब गुरुकुल परंपरा (Gurukul Systemभारतीय चेतना को फिर से जागृत करने का कार्य कर रही है।

गुरुकुल: जहाँ शिक्षा जीवन बन जाती है

गुरुकुल पद्धति में शिक्षा कक्षा तक सीमित नहीं रहती। यहाँ शिष्य गुरु के सान्निध्य में रहकर अनुशासन, आत्मसंयम, प्रकृति से सामंजस्य और सामाजिक दायित्व सीखता है। गुरु केवल अध्यापक नहीं, बल्कि मार्गदर्शक और जीवन निर्माता होता है।

यही कारण है कि गुरुकुलों से निकले विद्यार्थी केवल विद्वान ही नहीं, बल्कि संस्कारवान नागरिक बनते थे।

तपोभूमि, नदी और शिक्षा का शाश्वत संबंध

भारतीय मनीषा ने शिक्षा के लिए नगरों के कोलाहल से दूर, नदियों के तट और वनों को चुना। इसका उद्देश्य था—एकाग्रता, सात्विकता और आत्मिक विकास।

इसी परंपरा का सशक्त उदाहरण है दुर्वासा आश्रम, जो पांचाल घाट पर स्थित है।

दुर्वासा आश्रम: गुरुकुल परंपरा का आधुनिक केंद्र

दुर्वासा आश्रम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि गुरुकुल पद्धति की जीवंत प्रयोगशाला बन चुका है। यहाँ आज भी बालक गुरुकुलीय जीवन जीते हुए शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

विमल, हिमांशु, देवांश, देवेश, कन्हैया, कृष्णा अंश, गगन, शिवम्, अभय, प्रतीक सहित अनेक बच्चे उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से यहां आकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और भारतीय परंपरा, संस्कार व सनातन जीवन मूल्यों का निर्वहन कर रहे हैं। यह दृश्य स्वयं इस बात का प्रमाण है कि गुरुकुल परंपरा केवल अतीत नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य दोनों है।

दुर्वासा आश्रम में गुरुकुल परंपरा का संचालन ईश्वर दास ब्रह्मचारी के निर्देशन में हो रहा है। उनके मार्गदर्शन में यहां गुरुकुल की यह परंपरा सात्विक, अनुशासित और आध्यात्मिक ढंग से प्रारंभ होकर आज अनवरत रूप से चल रही है।यहां शिक्षा केवल बौद्धिक नहीं, बल्कि शारीरिक श्रम, आत्मसं

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article