नई दिल्ली।आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक मित्तल ने दिल्ली में जलबोर्ड और अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा खोदे गए गड्ढों के कारण हो रही मौतों पर गंभीर चिंता जताते हुए संसद में सख्त कानून बनाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में दिल्ली में जलबोर्ड के खुले गड्ढे में गिरने से युवक की मौत जैसी घटनाएं यह साबित करती हैं कि सरकारी लापरवाही अब जानलेवा बन चुकी है।
सांसद डॉ. अशोक मित्तल ने संसद में कहा कि सड़कों पर खोदे गए गड्ढों को समय पर न भरना और उचित सुरक्षा इंतजाम न करना सीधे तौर पर आपराधिक लापरवाही की श्रेणी में आता है। उन्होंने मांग की कि ऐसी घटनाओं में संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
डॉ. मित्तल ने कहा कि वर्तमान में किसी स्पष्ट कानून के अभाव में हादसों के बाद सिर्फ औपचारिक जांच होती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी बच निकलते हैं। नतीजा यह होता है कि ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराई जाती हैं और आम नागरिकों की जान जाती है।
दिल्ली जलबोर्ड सहित सभी एजेंसियों पर लागू हो कानून
उन्होंने मांग रखी कि यह कानून केवल दिल्ली जलबोर्ड ही नहीं, बल्कि सड़क, सीवर, बिजली, गैस और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़ी सभी सरकारी एजेंसियों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। किसी भी निर्माण या खुदाई कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दंडनीय अपराध घोषित किया जाए।
जनहित में सख्त संदेश जरूरी
AAP सांसद ने कहा कि जब तक अधिकारियों को यह डर नहीं होगा कि लापरवाही पर जेल और मुकदमा हो सकता है, तब तक व्यवस्था में सुधार नहीं आएगा। ऐसे सख्त कानून से न केवल हादसों में कमी आएगी, बल्कि सरकारी तंत्र में जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

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