झाँसी| लोक निर्माण विभाग में सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें स्वीकृत राशि से कई गुना अधिक भुगतान किए जाने का आरोप उजागर हुआ है। विभाग में पांच फर्मों के बीच कुल 99.76 लाख रुपये का अनियमित भुगतान किया गया, जिनमें अधिकांश फर्म झांसी जनपद से जुड़ी बताई जा रही हैं। मामला सामने आने के बाद शासन स्तर पर हड़कंप मच गया है और अब दोषियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
इस पूरे प्रकरण का भंडाफोड़ बांदा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कृष्णा देवी शिव शंकर पटेल द्वारा किया गया। उन्होंने पिछले माह मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत देकर बताया कि सहायक अभियंता स्तर पर कई फर्मों के साथ फर्जी अनुबंध तैयार किए गए और इन्हीं अनुबंधों के आधार पर स्वीकृत धनराशि से कहीं अधिक भुगतान निकाल लिया गया। शिकायत में सांसद ने भुगतान से जुड़े वाउचर नंबर तक दर्ज कराए, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
शिकायत के अनुसार मेसर्स बुंदेलखंड कांस्ट्रक्शन के साथ चार अनियमित अनुबंध कर 38,45,528 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि मेसर्स सुरेश चंद्र गुप्ता के साथ भी चार फर्जी अनुबंध कर 33,45,761 रुपये निकाले गए। इसके अलावा विजयेंद्र सिंह, राम किशुन रायकवार, रमेश प्रसाद और मातृभूमि कांस्ट्रक्शन जैसी फर्मों को भी लाखों रुपये का भुगतान किया गया। आरोप है कि इन सभी कार्यों में माप पुस्तिका और स्वीकृत मदों से अलग खर्च दिखाकर भुगतान निकाला गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी उच्च स्तरीय तकनीकी और वित्तीय जांच झांसी सर्किल के मुख्य अभियंता को सौंपी गई। मुख्य अभियंता राजनाथ गुप्ता ने जांच पूरी कर इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। हालांकि उन्होंने रिपोर्ट को गोपनीय बताते हुए जांच के निष्कर्ष साझा करने से इनकार कर दिया। अब शासन स्तर पर रिपोर्ट के अध्ययन के बाद संबंधित अधिकारियों और फर्मों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।






