गोरखपुर| चोरी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अलग–अलग थाना क्षेत्रों में चोरों ने एक ही रात में छह बंद घरों को निशाना बनाकर नकदी और कीमती जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। लगातार हो रही इन घटनाओं से जहां ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस गश्त की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार गोला थाना क्षेत्र के रामपुर गड़री गांव में चार बंद घरों में चोरी की घटना सामने आई है। यहां निवासी संतोष दुबे अपने परिवार के साथ शहर में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। उनके पड़ोसी शिक्षक दयानाथ दुबे बीमार बेटे को देखने गुजरात गए हुए हैं, जबकि कैलाश दुबे मुंबई में रहकर काम करते हैं। इन तीनों घरों में ताले तोड़कर घुसे चोरों ने अलमारी में रखी नकदी और जेवरात चोरी कर लिए। सोमवार सुबह जब ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई तो हड़कंप मच गया। इसी दौरान वाराणसी में रह रहे सोनू दुबे को भी अपने बंद घर में चोरी होने की आशंका हुई, जिस पर गांव में और दहशत फैल गई।
उधर, सहजनवां थाना क्षेत्र में भी दो बंद घरों में चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। यहां भी पीड़ित परिवार किसी शादी समारोह में गए हुए थे या बाहर रह रहे थे, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। कुछ घरों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में संदिग्ध गतिविधियां कैद होने की बात सामने आई है, हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पुलिस गश्त नाम मात्र की रह गई है, जिससे चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में हुई कई चोरियों के मामले अभी तक लंबित हैं और उनमें कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू करने और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान का दावा किया है, लेकिन बढ़ती घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।






