लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हुए विपक्षी हंगामे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नाराज़गी जताई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन इसके साथ ही संवैधानिक पदों की गरिमा और सम्मान बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण संविधान द्वारा निर्धारित एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसे पूरे सदन को गंभीरता और मर्यादा के साथ सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने मुद्दे और असहमति दर्ज करा सकता है, लेकिन अभिभाषण के दौरान शोर-शराबा और व्यवधान डालना संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
सतीश महाना ने यह भी कहा कि सदन लोकतांत्रिक विमर्श का मंच है, जहां सरकार और विपक्ष दोनों की भूमिका अहम होती है। ऐसे में सदन की कार्यवाही को बाधित करने से जनता के मुद्दों पर चर्चा प्रभावित होती है, जो किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष से अपेक्षा जताई कि आगे की कार्यवाही में वह संयम और जिम्मेदारी का परिचय देगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने दोहराया कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान और संसदीय मर्यादाओं का पालन लोकतंत्र की मजबूती के लिए अनिवार्य है और इसी से जनता का विश्वास भी बना रहता है।

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