इटलीl
इटली में पिछले सप्ताह पहाड़ी इलाकों से आई खबरों ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया। रिकॉर्ड 13 बैककंट्री स्कीयर, पर्वतारोहियों और हाइकरों की मौत हो गई, जिनमें से 10 लोगों की जान हिमस्खलन की चपेट में आने से गई। यह हादसे ऐसे समय पर हुए हैं, जब देश में शीतकालीन ओलंपिक प्रतियोगिताएं शुरू हो चुकी हैं और अंतरराष्ट्रीय नजरें इटली पर टिकी हुई हैं।
इटली के पर्वतीय बचाव दल के अनुसार, हाल के दिनों में आए तूफानों के दौरान भारी बर्फबारी हुई है। इसके साथ ही कमजोर आंतरिक परतों पर हवा से उड़कर जमा हुई बर्फ ने हालात को बेहद अस्थिर बना दिया। फ्रांस, स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया की सीमाओं से लगे पूरे अल्पाइन क्षेत्र में हिमस्खलन का खतरा असाधारण रूप से बढ़ गया है।
अल्पाइन रेस्क्यू कोर के प्रवक्ता फेडेरिको कैटानिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सिर्फ एक स्कीयर का गुजरना या बर्फ पर थोड़ा सा अतिरिक्त भार भी हिमस्खलन को ट्रिगर करने के लिए काफी है। उन्होंने बताया कि बर्फ की परतें बेहद नाजुक हो चुकी हैं और किसी भी समय टूट सकती हैं।
बताया जा रहा है कि ज्यादातर मौतें उन ढलानों पर हुई हैं, जिनकी न तो नियमित देखरेख होती है और न ही निगरानी। ये क्षेत्र स्विस सीमा के पास लोम्बार्डी और वेनेटो में कोर्टिना डी’एम्पेज़ो के सुव्यवस्थित ओलंपिक स्थलों से काफी दूर हैं। इसके अलावा ट्रेंटिनो के स्वायत्त प्रांत वैल डी फिएमे में क्रॉस-कंट्री स्कीइंग के दौरान भी जानलेवा हादसे हुए।
हालांकि राहत की बात यह है कि ओलंपिक स्थलों और नियंत्रित स्की रन पर स्कीइंग करने वालों के लिए फिलहाल कोई खतरा नहीं बताया गया है। कैटानिया ने स्पष्ट किया कि ओलंपिक आयोजन स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है और वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं, जिससे प्रतियोगिताएं सामान्य रूप से जारी रह सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम के लंबे दौर के बाद जब थोड़े समय के लिए मौसम साफ होता है, तो पर्यटक बड़ी संख्या में पहाड़ों की ओर दौड़ पड़ते हैं। इसी कारण दुर्घटनाओं की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। हालिया मौतों के पीछे भी यही एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
बीते सप्ताहांत में ही लोम्बार्डी में हिमस्खलन से दो स्कीयरों की मौत हुई, जबकि ट्रेंटिनो में तीन और पड़ोसी दक्षिण टायरॉल में एक व्यक्ति की जान चली गई। इनमें से दो मौतें मार्मोलाडा ग्लेशियर क्षेत्र में अलग-अलग हिमस्खलनों के दौरान हुईं, जिसने खतरे की गंभीरता को और बढ़ा दिया।
मृतकों में केवल स्कीयर ही नहीं, बल्कि अनुभवी पर्वतारोही भी शामिल हैं। वेनेटो के मोंटे ग्राप्पा, एपेंनाइन पर्वतमाला के मार्शे क्षेत्र और वैले डी’ओस्टा में एक हिम पर्वतारोही की मौत ने पर्वतारोहण समुदाय को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।
बचाव दल और प्रशासन ने पहाड़ों में जाने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। हिमस्खलन से जुड़ी चेतावनियों को गंभीरता से लेने और बर्फ की परतें स्थिर होने तक यात्राएं स्थगित करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जान जोखिम में डालने से बेहतर है कुछ दिन इंतजार किया जाए।
ओलंपिक के माहौल के बीच इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बदलते मौसम और अस्थिर बर्फबारी के दौर में पहाड़ी पर्यटन कितना सुरक्षित है। इटली में हुई यह त्रासदी आने वाले समय के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है, जिससे सबक लेकर भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।


