फतेहपुरl में प्रतिबंध के बावजूद चीनी मांझे की बिक्री रुकने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो दुकानदारों को चीनी मांझा बेचते हुए गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें मुचलके पर जमानत दी गई है। इस कार्रवाई के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि सख्त आदेशों के बावजूद अवैध बिक्री पर पूरी तरह रोक क्यों नहीं लग पा रही है।
बीते दिनों मुख्यमंत्री की ओर से चीनी मांझे की बिक्री पर कड़ा प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में किशनपुर थाना पुलिस ने शनिवार को अभियान चलाते हुए दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान दक्षिणी किशनपुर निवासी अंजनी अग्रवाल को उसकी किराने की दुकान से चार चकरी चीनी मांझे के साथ पकड़ा गया। पुलिस ने मौके पर ही मांझा जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
इसी तरह कस्बे के पुरानी बाजार क्षेत्र में छापा मारकर महावतपुर असहट गांव निवासी जयलाल निषाद को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से छोटी और बड़ी कुल 20 चकरी चीनी मांझा बरामद हुई। पुलिस के अनुसार यह मांझा चोरी-छिपे ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था। एक चकरी की कीमत 300 से 600 रुपये तक बताई जा रही है, जिससे दुकानदार अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि यह धंधा केवल शहर तक सीमित नहीं है। ग्रामीण इलाकों के लोग शहर से चीनी मांझा खरीदकर अपने गांवों में बेचने ले जाते हैं। इसी को देखते हुए रविवार को शहर, खागा, बिंदकी कोतवाली, जहानाबाद और हुसैनगंज थाना क्षेत्रों में भी संभावित दुकानों पर छापेमारी की गई। कई दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी गई है कि दोबारा पकड़े जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
थानाध्यक्ष सत्यदेव गौतम ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने दोपहिया वाहन चालकों को फुल फेस हेलमेट पहनने, गले को ढककर रखने, वाहन धीमी गति से चलाने और बच्चों को आगे न बैठाने की सलाह दी है, ताकि चीनी मांझे से होने वाले हादसों से बचा जा सके।


