पट्टे की मियाद खत्म होने के बाद भी खनन जारी, कार्रवाई पर उठे सवाल
चित्रकूट। प्रदेश में अवैध खनन पर रोक के सरकारी दावों के बीच चित्रकूट जिले से एक बार फिर गंभीर मामला सामने आया है। राजापुर क्षेत्र के तीरधुमाई गंगू खंड-4 में रात के समय अवैध मौरंग खनन किए जाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
वायरल तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि भारी मशीनों के जरिए रात के अंधेरे में गंगा नदी क्षेत्र से मौरंग निकाली जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह खनन पूरी तरह अवैध है और इसके लिए किसी प्रकार की वैध अनुमति मौजूद नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित खनन पट्टे की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद खुलेआम खनन कार्य जारी है। आरोप है कि खनन माफिया पंकज शुक्ला द्वारा लंबे समय से नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध खनन कराया जा रहा है, लेकिन अब तक उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन की जानकारी प्रशासन और खनन विभाग को कई बार दी जा चुकी है, इसके बावजूद न तो खनन रोका गया और न ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई हुई। इससे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पर्यावरण और ग्रामीणों को नुकसान
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन से नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हो रहा है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही, खेतों का कटाव बढ़ने और जलस्तर में गिरावट की भी आशंका जताई जा रही है।
पूरे प्रदेश में अवैध खनन का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ चित्रकूट की समस्या नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश में अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। नियम-कानून सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
फिलहाल वायरल तस्वीरों के बाद प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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