पीलीभीत| शासन से पहुंची राज्य स्तरीय टीम ने मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध अस्पतालों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं व कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया। टीम ने उपलब्ध स्टाफ, संसाधनों और सुविधाओं की समीक्षा करते हुए यह भी देखा कि मानकों के अनुसार और क्या-क्या आवश्यकताएं हैं। निरीक्षण के दौरान कुछ कमियों को भी चिन्हित किया गया और उन्हें दूर करने के सुझाव दिए गए।
टीम ने महिला अस्पताल, पुरुष अस्पताल, डायलिसिस यूनिट, इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल), ब्लड सेंटर, नए आपातकालीन विभाग समेत मानव संसाधन की स्थिति का गहन आकलन किया। इसके साथ ही चिकित्सीय उपकरणों की उपलब्धता, दवाओं की स्थिति, मरीजों की सुरक्षा, सेवा गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं की भी बारीकी से जांच की गई।
निरीक्षण दल ने सुझाव दिया कि अस्पताल परिसर में यह स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए कि कौन-सा विशेषज्ञ चिकित्सक किस कक्ष में उपलब्ध है और किस स्थान पर कौन-सी सुविधाएं मौजूद हैं। इससे मरीजों और तीमारदारों को बिना किसी से पूछे आसानी से सेवाएं मिल सकेंगी। टीम में नेशनल हेल्थ मिशन के जनरल मैनेजर डॉ. लक्ष्मण सिंह, स्टेट कंसल्टेंट डॉ. सरोज कुमार और डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर मो. नजीर शामिल रहे।
टीम ने प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कुछ सुधारात्मक सुझाव भी दिए। निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज प्रशासन के कई अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे। इसके अलावा बरखेड़ा सीएचसी का भी निरीक्षण किया गया। टीम द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में स्टाफ और संसाधनों की कमी को लेकर शासन स्तर से अहम निर्णय लिए जाने की संभावना है, जिससे मेडिकल कॉलेज को लाभ मिल सकता है।


