कानपुर
बर्रा इलाके में अधिवक्ता की मां ने बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। 80 फीट रोड निवासी अधिवक्ता आलोक कटियार ने बताया कि उनकी 75 वर्षीय मां विनयलता कटियार पिछले पांच वर्षों से आंतों के गंभीर संक्रमण से जूझ रही थीं, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहती थीं।
शनिवार को जब परिवार के अन्य सदस्य बाहर थे, उसी दौरान विनयलता घर में अकेली थीं। उन्होंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर फंदा लगाकर जान दे दी। शाम को आलोक कटियार के कचहरी से लौटने पर घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद बताया कि महिला ने बीमारी से ऊबकर यह कदम उठाया।
उधर, नौबस्ता थाना क्षेत्र के केसर विहार में रहने वाले टेंट संचालक धर्मेंद्र सिंह भदौरिया (43) ने भी शनिवार को आत्महत्या कर ली। वह अपने परिवार के साथ रहते थे, जिनमें पत्नी सुधा, बेटी सोनाली और बेटा सागर शामिल हैं। घटना के समय घर में क्या परिस्थितियां थीं, इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है।
धर्मेंद्र के साले नीरज ने घटना की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार परिजन आत्महत्या के पीछे की वजह नहीं बता पाए हैं। नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है।


