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Sunday, February 8, 2026

हिंदू सम्मेलन में महंत राजू दास का विवादित और उग्र बयान, स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर दी धमकी

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मैनपुरी: किशनी नगर में रविवार को आयोजित हिंदू सम्मेलन के दौरान अयोध्या स्थित हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास (Mahant Raju Das) ने समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) को लेकर अत्यंत आपत्तिजनक और विवादित बयान दिया। उनके बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए महंत राजू दास ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर सनातन धर्म और हिंदू आस्थाओं के खिलाफ बयानबाजी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य हिंदू देवी-देवताओं पर अमर्यादित टिप्पणी करते हैं और उनकी भाषा हिंदुओं के प्रति अपमानजनक है। इसी क्रम में महंत ने सार्वजनिक मंच से आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें जूते से पीटने और गोली मारने जैसी धमकी भरी बातें कहीं, जिससे माहौल और अधिक गरमा गया।

महंत राजू दास ने अपने संबोधन में कहा कि वे संत हैं और संयम में रहते हैं, लेकिन यदि वे गृहस्थ होते तो स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ हथियार उठाने की बात कही। उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य को अपना नाम बदलने तक की सलाह दे डाली। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मोदी और योगी का विरोध करते-करते सनातन धर्म का विरोध नहीं किया जाना चाहिए। अपने भाषण के दौरान महंत राजू दास ने मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दे का भी उल्लेख किया और वहां निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की। उन्होंने इसकी तुलना अयोध्या में बने राम मंदिर से करते हुए इसे सनातन समाज की आस्था से जोड़ा।

कार्यक्रम में ऋषि दुर्वासा आश्रम रामनगरिया के पीठाधीश्वर ईश्वर दास, उदयपुर फाइल्स फिल्म के निर्माता अमित जॉनी, उन्नाव के संत नारायण स्वरूप, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान, रमाशंकर तिवारी, अनुराग पांडे, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी जिलाध्यक्ष सुमित चौहान, दिल्ली पब्लिक इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन रमेशचंद्र गुप्ता, आदेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में संत, भाजपा और हिंदू संगठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे।

महंत के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जानकारों का कहना है कि इस तरह के उग्र और धमकी भरे बयान न केवल सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकते हैं। प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बयान को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

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