मैनपुरी: करहल स्थित नगर पंचायत गौशाला (Nagar Panchayat Gaushala) का उत्तर प्रदेश गौसेवा राज्य आयोग (Gauseva Aayog Chairman) के अध्यक्ष श्यामलाल बिहारी गुप्ता ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशाला में गोवंश के लिए रखे गए भूसे की गुणवत्ता को संतोषजनक न पाए जाने पर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गोवंश के भरण-पोषण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए आयोग अध्यक्ष ने गौशाला की व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने करहल नगर पंचायत द्वारा शुरू की गई ‘हर घर से रोटी’ संग्रह योजना की सराहना की। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत के वाहन के माध्यम से प्रतिदिन घर-घर से रोटियां एकत्र की जाती हैं, जिससे गौशाला के संचालन में स्थानीय जनता की सक्रिय सहभागिता देखने को मिल रही है। इसे उन्होंने जनभागीदारी का अच्छा उदाहरण बताया।
श्यामलाल बिहारी गुप्ता ने गौशालाओं को और अधिक आत्मनिर्भर व व्यवस्थित बनाने पर जोर देते हुए कई सुझाव भी दिए। उन्होंने गोबर से गमले बनाने वाली मशीन लगाने का प्रस्ताव रखा, जिससे पॉलीथिन के उपयोग में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पौधारोपण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने गोबर का उपयोग कर पोषण वाटिका विकसित करने की बात कही, जिससे गौशाला परिसर में सब्जियों का उत्पादन कर गोवंश के लिए पौष्टिक चारा उपलब्ध कराया जा सके।
आयोग अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि करहल गौशाला की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान करहल की उपजिलाधिकारी सुनिशा शैलेंद्र सिंह यादव, उदयवीर, कैलेंद्र भारतीय, देवांशु और अवन्र बूंस सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद नगर पंचायत को जल्द सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।


