– पीडीए और अल्पसंख्यकों के वोट कटवाने की साजिश
– फॉर्म-7 पर फर्जी हस्ताक्षर का आरोप
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भाजपा (BJP) और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा चुनाव आयोग से मिलकर एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग इस समय एक निष्पक्ष संवैधानिक संस्था की बजाय भाजपा के सहयोगी दल की भूमिका में नजर आ रहा है।
रविवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि फर्जी तरीके से हस्ताक्षर कर पीडीए वर्ग और विशेष रूप से अल्पसंख्यकों के वोट कटवाने की साजिश चल रही है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं, पीडीए प्रहरियों, यूट्यूबरों और पत्रकारों के सहयोग से पूरे प्रदेश में भाजपा का यह फर्जीवाड़ा लगातार पकड़ा जा रहा है, इसके बावजूद चुनाव आयोग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा।
फॉर्म-7 बना फर्जीवाड़े का औजार
अखिलेश यादव ने कहा कि फॉर्म-7 के माध्यम से बड़े पैमाने पर वोट कटवाने का खेल किया जा रहा है। जब चुनाव आयोग एसआईआर और मैपिंग के जरिए पूरी प्रक्रिया कर चुका है, तो फॉर्म-7 भरवाने की प्रक्रिया तुरंत बंद होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने कुछ निजी एजेंसियों को हायर किया है, जिनके पास पूरे प्रदेश के बूथों का डेटा है। जहां-जहां समाजवादी पार्टी चुनाव जीती है, वहां भाजपा के लोग फर्जी तरीके से फॉर्म-7 भरवाकर वोट कटवाने की कोशिश कर रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने बिहार में एसआईआर के जरिए गड़बड़ी कर चुनाव जीता और अब वही प्रयोग पश्चिम बंगाल में दोहराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार कह रही हैं कि चुनाव आयोग भाजपा का आयोग बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया एसआईआर नहीं बल्कि एनआरसी जैसा प्रयोग है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने सुल्तानपुर सदर विधानसभा क्षेत्र के नंदलाल को मंच पर बुलाकर उनके साहस की सराहना की और एक लाख रुपये देकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि भाजपा नेताओं ने नंदलाल के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म-7 जमा कराया, जबकि नंदलाल हस्ताक्षर नहीं करते, अंगूठा लगाते हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि त्रेता, द्वापर नाम वाले दशरथ कुमार और नंदलाल जैसे लोगों की वजह से भाजपा का फर्जीवाड़ा सामने आ सका।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति झूठे प्रमाण के आधार पर किसी का वोट कटवाता है या किसी और की ओर से आवेदन देता है, तो उसके खिलाफ धारा 31 और 32 के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। लेकिन चुनाव आयोग इस पर आंखें मूंदे बैठा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि बीएलओ को न तो समुचित ट्रेनिंग दी गई, न संसाधन। कई बीएलओ की मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार ने उनके परिवारों की कोई मदद नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलओ पर गलत काम करने का दबाव और प्रलोभन दिया जा रहा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में बीएलओ लोकतंत्र बचाने के लिए ईमानदारी से काम कर रहे हैं।
अखिलेश यादव ने पार्टी के सभी विधायकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से फर्जीवाड़े के शिकार एक-एक व्यक्ति को सामने लाएं, ताकि भाजपा की बेईमानी जनता के सामने उजागर हो सके।


