नई दिल्ली| राजस्थान के जैसलमेर जिले में रविवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब दिल्ली से जैसलमेर जा रही स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस के एक कोच में अचानक आग लग गई। यह घटना जेठा चंदन रेलवे स्टेशन के पास हुई, जिससे कुछ देर के लिए यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि लोको पायलट की सतर्कता और रेलवे कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस जैसे ही जेठा चंदन स्टेशन के नजदीक पहुंची, तभी ट्रेन के एक कोच के नीचे से धुआं और आग की लपटें दिखाई दीं। लोको पायलट ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत ट्रेन को सुरक्षित स्थान पर रोक दिया। ट्रेन रुकते ही रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा स्टाफ ने फायर एक्सटिंग्विशर एवं उपलब्ध संसाधनों की मदद से आग बुझाने का कार्य शुरू किया।
कुछ ही समय में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इस दौरान यात्रियों में घबराहट जरूर देखने को मिली, लेकिन रेलवे कर्मचारियों द्वारा स्थिति संभाले जाने के बाद माहौल सामान्य हो गया। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस घटना में किसी भी यात्री के घायल होने या जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
आग बुझने के बाद ट्रेन के प्रभावित कोच और अन्य डिब्बों की गहन जांच की गई। जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को पुनः जैसलमेर के लिए रवाना कर दिया गया। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है और रेलवे द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले 14 जनवरी को भी पोखरण रेलवे स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस के एक कोच में आग लगने की घटना सामने आई थी। उस समय ट्रेन प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी और धुआं उठता देखा गया था। उस घटना में भी रेलवे स्टाफ की सतर्कता से कोई जनहानि नहीं हुई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद रेलवे सुरक्षा इंतजामों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।





