लखनऊ: लोक जीवन फाउण्डेशन के तत्वावधान में Lucknow स्थित हिंदी मीडिया सेंटर में आज दो दिवसीय “आरोग्य पाक-शाला” (Arogya Pak-Shala) कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सरकार के पूर्व अपर महानिदेशक, पीआईबी श्री अरिमर्दन सिंह एवं वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्यों वैद्य श्री पुनाराम पवार, वैद्य अन्नीलाल चौधरी, वैद्य भगवानदास कुशवाहा, वैद्य सीतू राजा तथा वैद्य केशवदास यादव द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी वैद्याचार्य नाड़ी परीक्षण के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने अपने सत्रों में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति, शुद्ध एवं सात्त्विक आहार, दिनचर्या और जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती बीमारियों से बचाव के लिए आयुर्वेद और प्राकृतिक खानपान को अपनाना समय की आवश्यकता है।
कार्यशाला में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अनेक वैद्याचार्यों ने सहभागिता की। उन्होंने लोगों को औषधीय जड़ी-बूटियों की पहचान, उनके उपयोग एवं लाभों की जानकारी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने नाड़ी परीक्षण कराया और आयुर्वेदिक औषधियों के सेवन से स्वास्थ्य में राहत मिलने का अनुभव भी साझा किया।
कार्यक्रम स्थल पर जैविक खाद्य पदार्थों, सहजन, मिलेट्स, दही एवं मल्टीग्रेन आटे की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे आगंतुकों ने खूब सराहा। प्रदर्शनी के साथ-साथ जैविक उत्पादों की बिक्री भी की गई। अतिथियों एवं आगंतुकों के लिए मल्टीग्रेन पकौड़ी, हर्बल चाय और कोदो की तहरी जैसे स्वास्थ्यवर्धक व्यंजनों की व्यवस्था की गई।
इस अवसर पर लोक जीवन फाउण्डेशन के संस्थापक डॉ. राजेश वर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज को आयुर्वेद, पारंपरिक ज्ञान और जैविक जीवनशैली से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे जनमानस को स्वस्थ जीवन की दिशा मिल सके। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती सुमन गुप्ता (पूर्व सदस्य, भारतीय प्रेस परिषद), श्री के. के. चौधरी (वरिष्ठ अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट) एवं डॉ. दया शंकर श्रीवास्तव (अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र, कटिया–सीतापुर) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन विजय शंकर, प्रिया वर्मा एवं राखी धीमान ने किया। दो दिवसीय यह आरोग्य पाक-शाला जनमानस को स्वस्थ जीवन, आयुर्वेदिक चिकित्सा और जैविक खानपान के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक सराहनीय पहल मानी जा रही है।


