दिल्ली देशभर में आज टैक्सी ड्राइवरों ने ऑल इंडिया ब्रेक हड़ताल का ऐलान करते हुए कामकाज ठप कर दिया। इसका सीधा असर राजधानी दिल्ली में देखने को मिला, जहां Ola, Uber और Rapido से जुड़े हजारों ड्राइवरों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। हड़ताल के चलते यात्रियों को टैक्सी मिलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हड़ताल के तहत कैब ड्राइवरों ने राजधानी के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की। सुबह से ही अलग-अलग इलाकों से ड्राइवर जंतर-मंतर पहुंचने लगे। प्रदर्शनकारी ड्राइवरों का कहना है कि यह हड़ताल किसी एक शहर या राज्य की नहीं, बल्कि पूरे देश के टैक्सी चालकों की सामूहिक आवाज है।
हड़ताल कर रहे ड्राइवरों का आरोप है कि सरकार की ओर से अब तक न्यूनतम और अधिकतम किराया तय नहीं किया गया है।
टैक्सी कंपनियां मनमाने ढंग से कमीशन और अन्य चार्ज काट रही हैं, जिससे ड्राइवरों की आमदनी लगातार घट रही है।
बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतें और मेंटेनेंस खर्च के मुकाबले ड्राइवरों की कमाई बेहद कम रह गई है।
ड्राइवरों का कहना है कि कई बार 12-14 घंटे काम करने के बाद भी उन्हें सम्मानजनक आमदनी नहीं हो पाती।
सरकार को लिखा गया पत्र
ड्राइवर यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है। पत्र में किराया नीति तय करने, कंपनियों के कमीशन पर नियंत्रण और ड्राइवरों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट नियम बनाने की मांग की गई है।
हड़ताल का असर दिल्ली-एनसीआर में खास तौर पर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और ऑफिस टाइम के दौरान देखने को मिला। कई यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा, वहीं कुछ जगहों पर ऑटो और निजी टैक्सियों के किराए बढ़ने की भी शिकायतें सामने आईं।
ड्राइवर संगठनों ने साफ किया है कि यदि सरकार और टैक्सी कंपनियों ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल दिल्ली सहित कई बड़े शहरों में कैब सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित बनी हुई हैं और आने वाले घंटों में हालात पर सबकी नजरें टिकी हैं।


