हनुमान मंदिर ट्रस्ट की जमीन को लेकर रची हत्या की साजिश का आरोप
फर्रुखाबाद: श्री हनुमान मंदिर ट्रस्ट की भूमि को लेकर चल रहे विवाद के बीच पीड़ित एकलव्य कुमार जाटव ने माफियाओं के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायती पत्र सौंपा है। एकलव्य कुमार ने तहरीर देकर अपनी व अपने परिवार की जान–माल की सुरक्षा, आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित ने अपनी तहरीर में कहा है कि श्री हनुमान जी ट्रस्ट से जुड़े तमाम मुकदमे ट्रस्ट के पक्ष में जीतने के बाद माफिया पक्ष कानून के रास्ते से असफल हो गया। इसके बाद अनुराग दुबे उर्फ डब्बन, अमित दुबे उर्फ बब्बन और उनके गिरोह ने कथित तौर पर षड्यंत्र रचकर एकलव्य कुमार और उनके पुत्र की हत्या कराने की सुपारी दी।
एकलव्य कुमार ने आरोप लगाया कि इस साजिश के तहत रंजीत यादव और उसके भाईयों के साथ मिलकर सचिन यादव ने उनके बच्चों को करीब 11 फुट गहरी खाई में लटकाकर नीचे फेंक दिया। बाद में किसी व्यक्ति ने फोन कर उन्हें सूचना दी कि खनन माफिया रंजीत यादव पुत्र स्व. राजेन्द्र यादव, उसके भाई संजू यादव, रणधीर सिंह, ललई यादव सहित अन्य लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया है।
तहरीर के अनुसार, आरोपीगण थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के खंदिया एवं अर्राहपहाड़पुर के निवासी बताए जा रहे हैं और इनके साथ 50 से 60 अज्ञात लोग गिरोह के रूप में सक्रिय हैं। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में रंजीत यादव और उसके साथियों द्वारा एक बाईपास की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था, जहां शराब आदि पी जा रही थी। इसी दौरान झगड़ा हुआ और एक व्यक्ति की हत्या कर शव को फेंक दिया गया। एकलव्य का दावा है कि यह पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा है।
एकलव्य कुमार का कहना है कि जिलाधिकारी द्वारा हनुमान जी ट्रस्ट की संपत्ति ट्रस्ट के सुपुर्द करने का आदेश तहसीलदार सदर को भेजा गया है। इससे बौखलाए माफिया ट्रस्ट की संपत्ति पर दोबारा कब्जा करने के इरादे से उन्हें और उनके परिवार को रास्ते से हटाना चाहते हैं।
सुरक्षा और मुकदमे की मांग
पीड़ित ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए और उन्हें तथा उनके परिवार को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए, क्योंकि उन्हें लगातार जान से मारने का खतरा बना हुआ है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर तहरीर पर क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित को कब तक न्याय व सुरक्षा मिल पाती है।


