कानपुर: रेलबाजार थाना क्षेत्र के मीरपुर स्थित कमेला इलाके (Mirpur Kamela area) में पुलिस (police) द्वारा अपनी भूमि खाली कराने की कार्रवाई के दौरान शुक्रवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। वर्षों से रह रहे स्थानीय निवासियों में पुलिस कार्रवाई को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला। सूचना मिलने पर कैंट विधायक मो. हसन रूमी भी मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया। विधायक ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर कार्रवाई पर कुछ समय की मोहलत देने की मांग करने की बात कही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले करीब 70 वर्षों से मीरपुर कमेला क्षेत्र में रह रहे हैं। यहां रहने वाले परिवारों के पास बिजली के बिल, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड सहित अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज मौजूद हैं। उनका आरोप है कि बीते दो अक्टूबर 2023 से पुलिसकर्मी लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं। दो फरवरी को पुलिस द्वारा माइक से घोषणा कर दो दिन के भीतर मकान खाली करने की चेतावनी दी गई, साथ ही कई घरों पर काले रंग से क्रॉस के निशान भी लगाए गए। इस कार्रवाई से क्षेत्रीय लोगों में भय और नाराजगी का माहौल बन गया।
कार्रवाई के विरोध में लोगों ने एकजुट होकर पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताया। महिलाओं और बुजुर्गों का कहना है कि यदि अचानक घर खाली कराए गए तो उनके सामने रहने और रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। लोगों ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना किसी भी तरह की जबरन कार्रवाई न करने की मांग की है।
मौके पर पहुंचे सपा विधायक मो. हसन रूमी ने कहा कि वह पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल से मुलाकात कर प्रभावित परिवारों को कुछ समय की राहत देने की मांग करेंगे। विधायक ने कहा कि वर्षों से बसे लोगों को अचानक उजाड़ना न्यायसंगत नहीं है और प्रशासन को नियमों के साथ-साथ मानवीय पक्ष को भी ध्यान में रखना चाहिए।
वहीं, इस संबंध में रेलबाजार थाना प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि यह जमीन पुलिस विभाग की है, जिस पर कई वर्षों से लोगों द्वारा कब्जा किया गया है। शुरू में छप्पर डालकर रहना शुरू किया गया और बाद में पक्के मकान भी बना लिए गए। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नियमों के अनुसार अतिक्रमण हटाने के लिए आदेश जारी किया गया है।


