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Tuesday, February 10, 2026

यूजीसी के नए नियमों पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी लोकतंत्र को कमजोर कर रही : अलंकार अग्निहोत्री

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निलंबित पीसीएस अधिकारी ने सत्ता पक्ष पर साधा निशाना, राजनीति में आने के दिए संकेत।

शाहजहाँपुर: बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट (city ​​magistrate) रह चुके निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotriने यूजीसी के नए नियमों को लेकर जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। बृहस्पतिवार को शाहजहाँपुर पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि देशभर में छात्र, शिक्षक और शिक्षण संस्थान नए नियमों के विरोध में हैं, लेकिन चुने हुए प्रतिनिधि इस गंभीर विषय पर मौन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई नेता केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव जीतकर सत्ता में पहुंचे हैं और जनता की आवाज उठाने से बच रहे हैं।

परशुराम धाम में दर्शन के बाद एक कैफे में आयोजित प्रेसवार्ता में अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि मौजूदा हालात में लोकतंत्र कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी समाज या वर्ग के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि जनता के हितों से जुड़े मुद्दों को सामने लाने आए हैं। अलंकार ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियां चिंताजनक हैं और यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

प्रेसवार्ता के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए उसे ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह ईस्ट इंडिया कंपनी ने धीरे-धीरे देश की व्यवस्था पर कब्जा किया था, उसी तरह आज संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर देश में व्यापक असंतोष है, लेकिन जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी से बचते दिखाई दे रहे हैं।

एक प्रश्न के उत्तर में अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि जिन नेताओं का अपना व्यक्तिगत जनाधार है, वही खुलकर अपनी बात रख पा रहे हैं। उन्होंने ब्रजभूषण सिंह और राजा भैया का उदाहरण देते हुए कहा कि इन नेताओं ने यूजीसी नियमों के खिलाफ आवाज उठाई है, जबकि अन्य नेता केवल चेहरे और टिकट के सहारे राजनीति कर रहे हैं।

अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि आज चुनाव विकास, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर नहीं, बल्कि हिंदू-मुस्लिम के नाम पर लड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूजीसी के नए नियमों से पूरे देश में असंतोष है, लेकिन इस पर चर्चा करने के बजाय नेताओं का ध्यान ध्रुवीकरण की राजनीति पर केंद्रित है। उन्होंने ब्राह्मण समाज के नेताओं से भी अपील की कि वे सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए इन मुद्दों पर खुलकर बोलें।

प्रेसवार्ता में अलंकार अग्निहोत्री ने एससी-एसटी एक्ट को लेकर भी अपनी आपत्ति जताई और कहा कि इस कानून पर व्यापक विमर्श की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा नीतियों से सामान्य वर्ग के साथ-साथ ओबीसी वर्ग भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने संकेत दिए कि इन सभी वर्गों को साथ लेकर एक वैकल्पिक मंच तैयार करने की दिशा में काम चल रहा है।

अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि एक विकल्प की तैयारी की जा रही है और इसकी जानकारी शीघ्र सार्वजनिक की जाएगी। उनके इस बयान के बाद उनके राजनीति में सक्रिय होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकार इसे आने वाले समय में उनके बड़े कदम के संकेत के रूप में देख रहे हैं।

प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस के युवा जिलाध्यक्ष रामजी अवस्थी, जिला महामंत्री गौरव त्रिपाठी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। अलंकार अग्निहोत्री के बयानों के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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