मिनी सचिवालय निर्माण में अनियमितता पर जताई नाराजगी
औरैया: जनपद में चल रही किसान पंजीकरण (farmer registration) प्रक्रिया को लेकर जिलाधिकारी (DM) डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने गुरुवार को व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने विकासखंड क्षेत्र के ग्राम बरकापुर, साहसपुर, राजपुर, ऐरवा टिकटा के मजरा लालपुर, ऐरवा टिकटा सचिवालय तथा कुदरकोट ग्राम पंचायतों का दौरा कर किसान पंजीकरण की प्रगति, अभिलेखों की स्थिति और मौके पर की जा रही कार्यवाही का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित लेखपालों और ग्राम सचिवों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन किसानों के नाम, पिता का नाम अथवा अन्य विवरण खतौनी और आधार कार्ड में अलग-अलग दर्ज हैं, उनकी अलग-अलग सूची तैयार की जाए। ऐसी सभी त्रुटियों को प्राथमिकता के आधार पर संशोधित करते हुए किसान पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अपात्र किसानों, जिनके नाम पर भूमि दर्ज नहीं है या जो मानकों के अनुरूप नहीं हैं, उनका नाम सूची से हटाया जाए, ताकि केवल वास्तविक और पात्र किसानों को ही शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान किसानों से सीधे संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री के लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान पंजीकरण से कृषकों को फसली ऋण, फसल बीमा की क्षतिपूर्ति, प्राकृतिक आपदा राहत सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी। इसके अलावा, अलग-अलग योजनाओं के लिए किसानों को बार-बार भौतिक सत्यापन से भी मुक्ति मिलेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे सही और पूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराकर समय से पंजीकरण कराएं।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने ग्राम पंचायत बरकापुर में निर्माणाधीन मिनी सचिवालय का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री और कार्य की गुणवत्ता मानक के अनुरूप न पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में मानक के अनुरूप सामग्री का ही प्रयोग किया जाए। साथ ही मानक विहीन निर्माण को हटाकर दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराए जाने के आदेश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसान पंजीकरण और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों की भूमि का सही रिकॉर्ड तैयार करना और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के बाद संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमित निगरानी और समय-समय पर समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए।


