सरकारी धन की खुली लूट से बच्चों की जान जोखिम में
फर्रुखाबाद| नौ किलोमीटर लंबे जहानगंज–कमालगंज मार्ग पर विकास नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की परतें उखड़कर सामने आ गई हैं। कुछ ही दिन पहले इस सड़क पर गड्ढे भरने का कार्य कराया गया था, लेकिन काम की गुणवत्ता इतनी घटिया रही कि महज कुछ दिनों में ही गड्ढों में डाली गई भारी गिट्टी गायब हो गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गड्ढा भराई के नाम पर सड़क पर डामर की मात्रा लगभग शून्य रही, जिससे पहली ही बारिश और वाहनों की आवाजाही में पूरी पोल खुल गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मरम्मत सिर्फ कागजों में हुई। मौके पर जो काम दिखाया गया, वह केवल औपचारिकता साबित हुआ। सड़क आज फिर से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, लेकिन न तो किसी जनप्रतिनिधि ने आवाज उठाई और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने इसकी जांच करना जरूरी समझा। गड्ढा भरने के नाम पर सरकारी धन का खुलेआम दुरुपयोग हुआ और जिम्मेदारों ने आपस में बंदरबांट कर ली।
इस भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा खामियाजा स्कूली बच्चों और आम राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। रोजाना इसी मार्ग से स्कूल जाने वाले बच्चों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। साइकिल और पैदल चलने वाले बच्चे गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं, वहीं दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सड़क किसी हादसे से कम नहीं है। अभिभावकों में आक्रोश है, लेकिन उनकी शिकायतें सुनने वाला कोई नहीं।
सवाल यह है कि जब सड़क की बदहाली साफ दिखाई दे रही है, तब भी जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी चुप क्यों हैं। क्या गड्ढा भराई के नाम पर हुआ यह घोटाला जांच के लायक नहीं है? अगर समय रहते इसकी निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह सड़क किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। जनता अब जवाब चाहती है—विकास के नाम पर हो रही इस खुली लूट पर आखिर कब लगाम लगेगी।






