हिंदी सिनेमा में मिस्ट्री और थ्रिलर जॉनर हमेशा दर्शकों को अपनी ओर खींचता है, और 2017 में रिलीज़ हुई फिल्म “इत्तेफाक” इसका बेहतरीन उदाहरण है। यह फिल्म दर्शकों को शुरुआत से अंत तक बांधे रखती है, और इसकी कहानी में लगातार ट्विस्ट और रहस्य मौजूद रहते हैं। नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध यह फिल्म थ्रिलर प्रेमियों के लिए एक आदर्श विकल्प बन चुकी है।
फिल्म की कहानी की शुरुआत ही दर्शकों को शॉक में डाल देती है। सिद्धार्थ मल्होत्रा का किरदार एक तेज़ रफ्तार कार दुर्घटना में फंस जाता है, और इस हादसे के बाद उसे पुलिस की गिरफ्त में लिया जाता है। इस बीच सोनाक्षी सिन्हा की एंट्री होती है, और कहानी में नई परतें खुलनी शुरू होती हैं।
सिद्धार्थ के ऊपर डबल मर्डर का आरोप लगता है, जिससे कहानी और भी पेचीदा हो जाती है। दर्शक यह सोचते रहते हैं कि हत्या के पीछे एक ही कातिल है या दो अलग-अलग लोग। इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसमें पारंपरिक बॉलीवुड गानों को बिल्कुल जगह नहीं दी गई, जो इसे थ्रिलर जॉनर के लिए और भी प्रभावशाली बनाता है।
फिल्म में अक्षय खन्ना पुलिस वाले की भूमिका में नजर आए। उनके किरदार ने मर्डर की गुत्थी सुलझाने की जिम्मेदारी संभाली। रोचक तथ्य यह है कि अक्षय खन्ना का यह रोल पहले शाहरुख खान के लिए तय किया गया था, लेकिन वह अपनी फिल्में ‘फैन’ और ‘रईस’ की शूटिंग में व्यस्त होने के कारण इसे नहीं कर पाए।
सोनाक्षी सिन्हा और सिद्धार्थ मल्होत्रा की कैमिस्ट्री भी दर्शकों के बीच काफी पसंद की गई। दोनों ने अपने किरदारों में गहराई और सस्पेंस बनाए रखा। फिल्म के डायरेक्टर ने कहानी में छोटे-छोटे क्लू और इंटेंस सीन्स शामिल किए, जिससे दर्शक अंत तक यह अनुमान लगाने की कोशिश में लगे रहते हैं कि हत्या के पीछे असली कातिल कौन है।
“इत्तेफाक” की कहानी की खासियत यह है कि यह सिर्फ मर्डर मिस्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें इंसानी रिश्तों, शक और मानसिक तनाव को भी प्रभावी तरीके से पेश किया गया है। हर नया दृश्य दर्शकों को और उलझाता है और कहानी में नए ट्विस्ट जोड़ता है।
नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की उपलब्धता ने इसे और भी व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुँचाया। थ्रिलर प्रेमी अब इसे कहीं भी, कभी भी देख सकते हैं। सोशल मीडिया पर फिल्म के बारे में चर्चा भी गर्म रही, और #IttefaqMovie और #SonaSidTrending जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे थे।
फिल्म की शूटिंग और सिनेमैटोग्राफी की भी खूब तारीफ हुई। कार एक्सीडेंट सीन, क्लाइमैक्स और पुलिस इन्वेस्टिगेशन सीन को प्रभावशाली तरीके से शूट किया गया। फिल्म का हर सीन दर्शकों में सस्पेंस बनाए रखने के लिए खास तौर पर डिज़ाइन किया गया था।
कुल मिलाकर, “इत्तेफाक” हिंदी थ्रिलर फिल्मों में अपनी खास पहचान बनाने में सफल रही। यह दर्शकों को कहानी में उलझा कर रखने के साथ-साथ क्लासिक बॉलीवुड थ्रिलर का अनुभव देती है। फिल्म का रनटाइम 1 घंटा 45 मिनट है, और यह अपने दमदार ट्विस्ट और सस्पेंस के कारण बार-बार देखने लायक है।
फिल्म के रिलीज़ होने के बाद से ही इसे आलोचकों और दर्शकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। आईएमडीबी पर इसकी रेटिंग 7.2/10 है, जो इसे इस जॉनर की बेहतर फिल्मों में शामिल करती है। “इत्तेफाक” उन दर्शकों के लिए एक जरूरी फिल्म है जो मिस्ट्री और थ्रिलर का असली मज़ा लेना चाहते हैं।


